26 घंटे से लापता 15 वर्षीय मिथुन, खुले नाले में गिरने के बाद NDRF भी नहीं खोज पाई
New Delhi : दिल्ली के जसोला गांव में खुले नाले में गिरे 15 वर्षीय मिथुन का 26 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। बच्चे की तलाश में NDRF और अन्य रेस्क्यू टीमों ने अभियान चलाया, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली। NDRF सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन को होल्ड किया गया है और बड़ी मशीनें मंगाकर तलाश को आगे बढ़ाया जाएगा।
पेड़ से पतंग उतारते समय नाले में गिरा मिथुन
परिजनों के मुताबिक, मिथुन घर के पीछे नाले के पास पेड़ से पतंग उतार रहा था। इसी दौरान उसका हाथ फिसल गया और वह खुले नाले में जा गिरा। तेज बहाव के कारण वह पानी के साथ बह गया।
मिथुन के भाई धर्मेंद्र को घटना की जानकारी मिलते ही वह मौके पर पहुंचे। परिवार ने आसपास की छतों और नाले के आगे के हिस्से में बच्चे की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
खुले नाले के आसपास सुरक्षा के इंतजाम पर सवाल
मिथुन के घर के पीछे से गुजर रहा नाला पूरी तरह खुला है। इसमें गंदा पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
हादसे के बाद खुले नाले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाले को ढका गया होता या उसके आसपास सुरक्षा इंतजाम होते तो इस तरह का हादसा टाला जा सकता था।
बेटे की तलाश में मां का रो-रोकर बुरा हाल
मिथुन के लापता होने के बाद उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह लगातार बेटे के मिलने की उम्मीद लगाए बैठी हैं। परिवार का कहना है कि हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।
24 घंटे बाद परिवार ने किया प्रदर्शन
24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी बच्चे का पता नहीं चलने पर परिवार और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने सड़क पर जाम लगाकर मिथुन की जल्द तलाश की मांग की।
परिवार ने रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। मिथुन की मां का आरोप है कि मौके पर गोताखोर पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने नाले में उतरकर बच्चे की तलाश नहीं की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भाई बोला- 'हम गरीब हैं, इसलिए मदद नहीं हुई'
मिथुन के भाई धर्मेंद्र ने सिस्टम पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि परिवार को पर्याप्त मदद नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों के मौके पर नहीं पहुंचने से परिवार में नाराजगी है।
बड़ी मशीनों से अब होगी तलाश
NDRF सूत्रों के मुताबिक, अब तक उपलब्ध संसाधनों के जरिए बच्चे की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। करीब 26 घंटे बाद फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन को होल्ड किया गया है। अब बड़ी मशीनें मंगाकर नाले में मिथुन की तलाश आगे बढ़ाई जाएगी।
मिथुन की तलाश के साथ ही इस हादसे ने रिहायशी इलाकों में खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के बाद रेस्क्यू सिस्टम की तत्परता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
