बीएड शिक्षकों के लिए 6 महीने का ब्रिज कोर्स अनिवार्य, देशभर में 70 हजार, यूपी में 35 हजार शिक्षकों ने किया रजिस्ट्रेशन
प्रयागराज: बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए अब छह महीने का ब्रिज कोर्स अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में लागू की जा रही है। इसके तहत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने 23 नवंबर 2025 से ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की थी।
पंजीकरण की अंतिम तिथि को शिक्षकों की सुविधा के लिए छह से अधिक बार बढ़ाया गया। 31 मार्च 2026 तक देशभर में करीब 70 हजार शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें से लगभग 35 हजार उत्तर प्रदेश के हैं।
दरअसल, प्राथमिक विद्यालयों में बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर राजस्थान में डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने बीएड शिक्षकों को प्राथमिक विद्यालयों से हटाने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने 2017 से 2023 के बीच नियुक्त बीएड शिक्षकों को छह महीने का ब्रिज कोर्स करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से देशभर के हजारों शिक्षक प्रभावित हुए हैं। आदेश के पालन में एनआईओएस ने पोर्टल सक्रिय कर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं और शिक्षकों को अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
चूंकि ये शिक्षक पहले से स्कूलों में कार्यरत हैं, इसलिए प्रशिक्षण के लिए रविवार का दिन निर्धारित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए संबंधित ब्लॉकों में स्कूलों को चिन्हित किया जाएगा। छह महीने के भीतर शिक्षकों को परीक्षा देनी होगी, जिसके बाद उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
राज्य सरकार इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी। माना जा रहा है कि इस पहल से प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और शिक्षकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।
