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साइकिल से ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक का 100 करोड़ का कोचिंग साम्राज्य.. कौन हैं ‘M Sir’ शिवराज मोटेगांवकर?

NEET पेपर लीक मामले की जांच के दौरान महाराष्ट्र के मशहूर केमिस्ट्री शिक्षक शिवराज मोटेगांवकर उर्फ ‘M Sir’ का नाम चर्चा में आया है। RCC Classes के संस्थापक से CBI पूछताछ कर रही है। जानिए किसान परिवार से करोड़ों के कोचिंग नेटवर्क तक पहुंचने वाले शिवराज मोटेगांवकर की पूरी कहानी।

 
शिवराज मोटेगांवकर
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देशभर में चर्चा का7 विषय बने NEET पेपर लीक मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस केस में कई गिरफ्तारियों और पूछताछ के बीच अब महाराष्ट्र के लातूर के चर्चित केमिस्ट्री शिक्षक शिवराज मोटेगांवकर का नाम भी सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) बीते कई दिनों से उनसे पूछताछ कर रही है। इसी के बाद कोचिंग जगत में “M Sir” के नाम से मशहूर शिवराज मोटेगांवकर फिर चर्चा में आ गए हैं।

किसान परिवार से निकलकर बने कोचिंग जगत का बड़ा नाम

शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटे स्तर पर साइंस छात्रों को निजी ट्यूशन पढ़ाकर की थी। स्थानीय लोगों और पूर्व छात्रों के मुताबिक, शुरुआती दौर में वह साइकिल से पूरे शहर में जाकर बच्चों को पढ़ाते थे।

करीब 1999 में उन्होंने किराए के एक छोटे कमरे से केवल 10 छात्रों के साथ अपनी कोचिंग क्लास शुरू की। शुरुआती वर्षों में वह खुद केमिस्ट्री पढ़ाते थे, हाथ से नोट्स तैयार करते थे और 11वीं-12वीं के साथ मेडिकल-इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करवाते थे।

RCC Classes बना महाराष्ट्र का बड़ा कोचिंग ब्रांड

समय के साथ उनकी RCC Classes यानी “रेणुकाई करियर सेंटर” तेजी से आगे बढ़ी और महाराष्ट्र के चर्चित “लातूर पैटर्न” का हिस्सा बन गई। NEET, JEE और CET परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए RCC Classes की टेस्ट सीरीज, केमिस्ट्री नोट्स और पढ़ाने की शैली काफी लोकप्रिय हुई।

आज RCC Classes के लातूर, पुणे, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर और कोल्हापुर समेत कई शहरों में सेंटर संचालित हैं। स्थानीय कोचिंग इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हर साल करीब 40 हजार छात्र RCC के विभिन्न सेंटरों में दाखिला लेते हैं।

100 करोड़ से ज्यादा का बताया जाता है टर्नओवर

फीस स्ट्रक्चर और संस्थान के विस्तार को देखते हुए स्थानीय सूत्र RCC Classes का सालाना टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से अधिक बताते हैं। समय के साथ संस्थान ने केवल क्लासरूम कोचिंग तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि डिजिटल लर्निंग, ऐप आधारित स्टडी मैटेरियल, ऑनलाइन टेस्ट सीरीज और मेंटरशिप प्रोग्राम भी शुरू किए।

संस्थान की वेबसाइट के मुताबिक, शिवराज मोटेगांवकर केमिस्ट्री में M.Sc गोल्ड मेडलिस्ट हैं और उन्हें “दूरदर्शी शिक्षाविद” के रूप में पेश किया जाता है।

CBI जांच में क्यों आया नाम?

NEET पेपर लीक जांच के दौरान अब जांच एजेंसियां शिवराज मोटेगांवकर और सेवानिवृत्त केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के बीच संबंधों की भी जांच कर रही हैं। पीवी कुलकर्णी को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और उन पर केमिस्ट्री से जुड़े प्रश्न लीक करने का आरोप है।

सूत्रों के मुताबिक, कुलकर्णी कुछ समय पहले RCC Classes में पढ़ा चुके हैं। इसी कड़ी को जोड़ते हुए CBI अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पेपर लीक नेटवर्क का कोई संबंध कोचिंग जगत से भी था।

छात्रों के बीच अब भी लोकप्रिय हैं ‘M Sir’

हालांकि, लातूर और आसपास के इलाकों में आज भी कई छात्र शिवराज मोटेगांवकर को ऐसे शिक्षक के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने ग्रामीण और अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए कठिन मानी जाने वाली केमिस्ट्री को आसान बनाया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान के कारण उन्हें लंबे समय तक सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता रहा है। अब NEET पेपर लीक जांच में नाम आने के बाद RCC Classes और “M Sir” दोनों चर्चा के केंद्र में हैं।