Movie prime

Aadhaar Rules Changed: अब आधार बनवाने और अपडेट कराने के नियम बदले, जानिए नए डॉक्यूमेंट्स की पूरी लिस्ट

UIDAI ने आधार एनरोलमेंट और अपडेट प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत कई नए दस्तावेजों को मान्यता दी गई है, जबकि वेरिफिकेशन प्रक्रिया को और सख्त बनाया गया है। बच्चों, विदेशी नागरिकों, ट्रांसजेंडर और विशेष जरूरत वाले लोगों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है।

 
Aadhaar Rules Changed
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

Aadhaar Rules Changed: अगर आप नया आधार कार्ड बनवाने या पुराने आधार में किसी तरह का बदलाव कराने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी Unique Identification Authority of India ने आधार नामांकन और अपडेट प्रक्रिया से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियम लागू होने के बाद आधार बनवाने और अपडेट कराने के लिए दस्तावेजों की सूची बढ़ा दी गई है, वहीं वेरिफिकेशन प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया गया है।

UIDAI ने ‘आधार (नामांकन और अपडेट) प्रथम संशोधन विनियम, 2026’ लागू करते हुए आधार प्रणाली को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और आसान बनाने की कोशिश की है। नए नियमों के तहत अब कई नए दस्तावेजों को आधार के लिए मान्य माना जाएगा।

अब ये दस्तावेज भी होंगे मान्य

UIDAI की नई गाइडलाइन के अनुसार अब ई-वोटर आईडी, ई-राशन कार्ड, पेंशन पेमेंट ऑर्डर, विवाह प्रमाण पत्र, तलाक संबंधी आदेश, बैंक पासबुक, इंश्योरेंस पॉलिसी, बिजली और पानी के बिल, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट जैसे दस्तावेज आधार नामांकन और अपडेट के लिए स्वीकार किए जाएंगे।

इसके अलावा मनरेगा जॉब कार्ड, शेल्टर होम सर्टिफिकेट और कैदी पहचान पत्र को भी मान्य दस्तावेजों की सूची में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि इससे अलग-अलग वर्गों के लोगों को आधार अपडेट कराने में आसानी होगी।

दस्तावेजों की जांच होगी और सख्त

UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आवेदन के दौरान जमा किया गया कोई भी दस्तावेज तभी स्वीकार होगा, जब वह वैध और एक्सपायर न हो। दस्तावेज उसी व्यक्ति के नाम पर होना चाहिए, जो आधार के लिए आवेदन कर रहा है।

पहचान प्रमाण पत्र (PoI) में आवेदक का नाम और फोटो होना अनिवार्य किया गया है। वहीं परिवार आधारित आवेदन में संबंध प्रमाण पत्र (PoR) में परिवार प्रमुख और आवेदक दोनों के नाम दर्ज होना जरूरी होगा।

बच्चों के लिए भी बदले नियम

नई व्यवस्था के तहत 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र सबसे जरूरी दस्तावेज माना जाएगा। साथ ही माता-पिता या अभिभावक के दस्तावेज भी देना अनिवार्य होगा।

5 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए परिवार प्रमुख (HoF) आधारित नामांकन को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि जरूरत पड़ने पर दस्तावेज आधारित आवेदन की सुविधा भी जारी रहेगी।

विदेशी नागरिकों और OCI कार्डधारकों के लिए नई व्यवस्था

UIDAI ने विदेशी नागरिकों, OCI कार्डधारकों और नेपाल-भूटान के नागरिकों के लिए आधार की वैधता अवधि भी तय कर दी है। नए नियमों के मुताबिक OCI कार्डधारकों और नेपाल-भूटान के नागरिकों का आधार 10 साल तक वैध रहेगा।

वहीं अन्य विदेशी नागरिकों के लिए आधार की वैधता उनके वीजा की अवधि तक ही सीमित रहेगी। इससे विदेशी आवेदकों की पहचान और रिकॉर्ड को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।

ट्रांसजेंडर और विशेष जरूरत वाले लोगों को राहत

नए नियमों में ट्रांसजेंडर पहचान पत्र और प्रमाण पत्र को भी आधार अपडेट के लिए मान्यता दी गई है। इसके अलावा अनाथ बच्चों, दिव्यांग व्यक्तियों और कानूनी अभिभावक की देखरेख में रहने वाले लोगों के लिए भी विशेष प्रावधान जोड़े गए हैं।

UIDAI ने शेल्टर होम, बाल देखभाल संस्थानों और HIV/AIDS प्रभावित लोगों के लिए भी अलग व्यवस्था लागू की है, ताकि उन्हें आधार सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

नई गाइडलाइन लागू होने के बाद अब आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित मानी जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आवेदन करते समय सही और वैध दस्तावेज रखना बेहद जरूरी होगा, वरना आवेदन अटक सकता है।