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Punjab University छात्र संघ चुनाव में ABVP का दबदबा, अंकित बिढान ने 513 वोटों से जीता अध्यक्ष पद

 
Punjab University छात्र संघ चुनाव में ABVP का दबदबा, अंकित बिढान ने 513 वोटों से जीता अध्यक्ष पद
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Chandigarh : पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने एक बार फिर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। ABVP के उम्मीदवार अंकित बिढान ने 3149 वोट हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी ASAP के आदिल बराड़ को 513 वोटों से हरा दिया। वहीं NSUI के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे।

यह लगातार दूसरी बार है जब ABVP ने पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। पिछले साल भी ABVP के उम्मीदवार ने पहली बार इस पद पर कब्जा जमाया था।

अंकित बिढान को मिले 3149 वोट

मतगणना पूरी होने के बाद अंकित बिढान के खाते में 3149 वोट आए। वहीं ASAP के आदिल बराड़ को उनसे 513 वोट कम मिले और वह दूसरे स्थान पर रहे। NSUI प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे।

इससे पहले केमिस्ट्री विभाग के 57वें विभाग की मतगणना पूरी होने के बाद ABVP को 2287 वोट मिले थे। ASAP के आदिल बराड़ को 1767 और NSUI के गुरमान को भी 1767 वोट मिले थे, जबकि SATH के दश्नप्रीत को 1052 वोट प्राप्त हुए थे।

जीत पर ABVP ने जताई खुशी

अंकित बिढान की जीत के बाद पंजाब ABVP ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की। संगठन ने पोस्ट कर कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर ABVP को चुना है।

कॉलेजों में भी ABVP का प्रदर्शन

पंजाब यूनिवर्सिटी के अलावा चंडीगढ़ के अन्य कॉलेजों में भी ABVP ने जीत का दावा किया है। सेक्टर-11 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स के विद्यार्थी परिषद चुनाव में भव्य शर्मा को अध्यक्ष और खुशी को उपाध्यक्ष चुने जाने की जानकारी ABVP ने दी।

वहीं UIET विभाग से ABVP उम्मीदवार तविशा जिंदल ने विभागीय प्रतिनिधि चुनाव में जीत हासिल की। इसके अलावा PGGC-46 में ABVP और SOPU गठबंधन ने जीत दर्ज की। संगठन के मुताबिक परमजीत सिंह अध्यक्ष और करणप्रीत सिंह महासचिव चुने गए।

लगातार दूसरी जीत से बढ़ा ABVP का मनोबल

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष पद पर लगातार दूसरी जीत ABVP के लिए अहम मानी जा रही है। संगठन ने इसे विद्यार्थियों के विश्वास और अपनी छात्र राजनीति की नीतियों के समर्थन का परिणाम बताया है। वहीं, अन्य छात्र संगठनों के लिए अगले चुनाव में ABVP के इस बढ़ते प्रभाव को चुनौती देना बड़ी राजनीतिक चुनौती होगी।