दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड, बोले- 'निलंबन का फैसला बिल्कुल सही, मेरा मनोबल नहीं टूटा'
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद एसीपी वशिष्ठ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। उन्होंने निलंबन के फैसले को सही बताते हुए कहा कि इससे उनका मनोबल नहीं टूटा है और उन्हें निष्पक्ष विभागीय जांच का पूरा भरोसा है।
निलंबन पर ACP मनस्वी वशिष्ठ की पहली प्रतिक्रिया
निलंबन के बाद एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि पुलिस मुख्यालय में आयोजित संपर्क सभा के दौरान उन्होंने अपनी बात खुलकर वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखी थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभा में उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द ही उनका समाधान निकलेगा।
अपने निलंबन को लेकर वशिष्ठ ने कहा कि उन्हें निलंबित करने का निर्णय बिल्कुल सही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निलंबन से उनका मनोबल कमजोर नहीं हुआ है। यह कोई गलत बात नहीं, बल्कि विभागीय कार्रवाई का हिस्सा है। उन्हें विश्वास है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
वशिष्ठ ने इस दौरान अपना समर्थन करने वाले पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों का भी आभार व्यक्त किया।
पुलिस मुख्यालय के बाहर क्यों हुआ था प्रदर्शन?
दरअसल, 23 अक्टूबर को दिल्ली के शाहदरा थाने में पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच झड़प हुई थी। इस घटना में एक अधिवक्ता के गंभीर रूप से घायल होने का मामला सामने आया था। इसके बाद वकीलों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
विवाद के बाद एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा थाने के एसएचओ अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया। इसी कार्रवाई के विरोध में सोमवार, 2 नवंबर को बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संपर्क सभा भी आयोजित की गई, जिसमें पुलिसकर्मियों ने अपनी समस्याएं और मांगें रखीं।
निलंबन के दौरान दिल्ली छोड़ने पर रोक
गृह मंत्रालय ने सोमवार देर शाम जारी आदेश में एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। आदेश के मुताबिक, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित है। हालांकि, मंत्रालय ने प्रस्तावित कार्रवाई के विशिष्ट आधार स्पष्ट नहीं किए हैं।
निलंबन अवधि के दौरान वशिष्ठ का मुख्यालय दिल्ली रहेगा और सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें दिल्ली छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। नियमानुसार उन्हें निर्वाह भत्ता भी मिलेगा।
