मिडिल ईस्ट तनाव का असर: इंडिगो और एयर इंडिया के बाद अकासा एयर ने भी बढ़ाया हवाई किराया
अगर आप 15 मार्च से हवाई यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो आपकी जेब पर थोड़ा ज्यादा बोझ पड़ सकता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब भारत की विमान सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। बढ़ती ईंधन लागत के कारण देश की कई प्रमुख एयरलाइंस ने टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लागू या बढ़ाने का फैसला किया है।
15 मार्च से लागू होगा नया सरचार्ज
एयरलाइन कंपनी अकासा एयर ने घोषणा की है कि 15 मार्च 2026 की रात 12:01 बजे से की जाने वाली सभी बुकिंग्स पर फ्यूल सरचार्ज लागू होगा। इसके तहत यात्रियों को यात्रा की दूरी और समय के अनुसार 199 रुपये से लेकर 1,300 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। यह सरचार्ज प्रत्येक उड़ान के लिए अलग-अलग लगाया जाएगा।
अकासा एयर के अलावा एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस भी पहले ही टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ा चुकी हैं। एयरलाइंस का कहना है कि विमान संचालन की कुल लागत का बड़ा हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
क्यों बढ़ रहा है किराया
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इससे एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन महंगा हो गया है। ईंधन महंगा होने से एयरलाइंस के संचालन खर्च में भी बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर टिकट की कीमतों पर पड़ रहा है।
जेवर एयरपोर्ट पर बनेगा अकासा एयर का MRO हब
इस बीच अकासा एयर ने अपनी संचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम भी उठाया है। कंपनी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के साथ रणनीतिक समझौता किया है। इस समझौते के तहत अकासा एयर जेवर एयरपोर्ट परिसर में अपना पहला मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) केंद्र स्थापित करेगी। यह केंद्र विमानों के रखरखाव और मरम्मत से जुड़े कार्यों को तेज करेगा और भारत को एविएशन मेंटेनेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।
इसके अलावा इस सुविधा के शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अकासा एयर के संस्थापक और सीईओ विनय दूबे ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा है, जो एयरलाइन के संचालन तंत्र को और मजबूत करेगी।
गौरतलब है कि 6 मार्च 2026 को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से एयरोड्रम लाइसेंस मिल चुका है, जिसके बाद यहां से जल्द ही उड़ानें शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
