संसद में हंगामे के बाद Nora Fatehi–Sanjay Dutt के गाने ‘सरके चुनर तेरी’ पर लगा बैन
नई दिल्ली। फिल्म KD: The Devil का चर्चित गाना ‘सरके चुनर तेरी’ इन दिनों जबरदस्त विवादों में घिर गया है। शुरुआत में यह गाना एक सामान्य डांस नंबर के रूप में रिलीज हुआ था, लेकिन रिलीज के कुछ ही घंटों के भीतर यह विवादों के केंद्र में आ गया। गाने में नजर आईं Nora Fatehi के डांस मूव्स और लिरिक्स को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक विरोध तेज हो गया।
बताया जा रहा है कि गाने के बोल और डांस स्टेप्स को लेकर लोगों ने इसे अश्लील करार दिया। कई सामाजिक संगठनों और यूजर्स ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया। विवाद बढ़ने के बाद मामला संसद तक पहुंच गया, जहां इस पर गंभीर चर्चा हुई।
इस पूरे विवाद के बीच फिल्म में अहम भूमिका निभा रहे Sanjay Dutt का नाम भी चर्चा में आया, हालांकि विवाद मुख्य रूप से गाने के कंटेंट को लेकर ही है। गाने को 14 मार्च को केवीएन प्रोडक्शंस द्वारा रिलीज किया गया था और इसे हिंदी सहित कई भाषाओं में जारी किया गया था।
विवाद बढ़ने के बाद गाने के हिंदी वर्जन को सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। हालांकि, कन्नड़ (मूल), तमिल, तेलुगु और मलयालम भाषाओं में यह गाना अभी भी उपलब्ध है, जिससे लोगों के बीच और ज्यादा सवाल खड़े हो रहे हैं। कई लोग यह पूछ रहे हैं कि जब गाने का अर्थ सभी भाषाओं में एक जैसा है, तो सिर्फ हिंदी वर्जन पर ही कार्रवाई क्यों की गई।
इस मुद्दे को संसद में Anand Bhadauria ने उठाया, जिन्होंने सरकार से इस मामले में स्पष्ट जवाब मांगा। इसके जवाब में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कहा कि विवादित गाने पर बैन लगा दिया गया है।
अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में कहा, “फ्रीडम ऑफ स्पीच का मतलब पूरी तरह से स्वतंत्रता नहीं होता। इसके साथ कुछ जरूरी प्रतिबंध भी जुड़े होते हैं, जिन्हें समाज और संस्कृति के संदर्भ में समझना जरूरी है।” उनके इस बयान के बाद यह साफ हो गया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
गौरतलब है कि Central Board of Film Certification (CBFC) में भी इस गाने को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गाने के लिरिक्स और प्रस्तुति समाज में गलत संदेश दे रहे हैं और इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी इस गाने को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है। एक ओर जहां कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, हिंदी वर्जन पर बैन लगने के बाद यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। अब देखना होगा कि अन्य भाषाओं में मौजूद इस गाने पर भी कोई कार्रवाई होती है या नहीं। यह विवाद एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर रहा है कि मनोरंजन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए।
