एयर इंडिया ने उड़ानें घटाईं, जून से अगस्त तक हर हफ्ते 100 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण हवाई क्षेत्र की पाबंदियों और जेट ईंधन (एटीएफ) की आसमान छूती कीमतों के चलते टाटा समूह की एयर इंडिया ने जून से अगस्त 2026 तक हर हफ्ते 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती करने का फैसला किया है।
कंपनी ने कहा कि ये बदलाव नेटवर्क की स्थिरता बनाए रखने और यात्रियों को आखिरी समय में परेशानी से बचाने के लिए किए जा रहे हैं। एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने हाल ही में जारी संदेश में बताया था कि पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण कई उड़ानों को लंबे रूट से संचालित करना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत काफी बढ़ गई है। इसके साथ ही जेट ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि ने कई रूटों को घाटे का सौदा बना दिया है।
प्रमुख उड़ानों में बदलाव
- दिल्ली-शिकागो: अस्थायी रूप से निलंबित।
- दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को: 10 से घटकर 7 साप्ताहिक (अगस्त तक)।
- दिल्ली-टोरंटो: 10 से घटकर 5 साप्ताहिक (जुलाई तक), अगस्त से दैनिक।
- दिल्ली-वैंकूवर: 7 से घटकर 5 साप्ताहिक।
- मुंबई-न्यूआर्क: 3 से बढ़कर 7 साप्ताहिक।
- दिल्ली-न्यूयॉर्क (जेएफके): 7 साप्ताहिक बरकरार, लेकिन कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित।
यूरोप में कटौती
दिल्ली-पेरिस को 14 से घटाकर 7, दिल्ली-कोपेनहेगन 4 से 3, दिल्ली-मिलान 5 से 4, दिल्ली-वियना, ज्यूरिख और रोम की उड़ानों में भी कमी की गई है।
एशिया-ऑस्ट्रेलिया रूट
- दिल्ली-मेलबर्न और दिल्ली-सिडनी: 7 से घटकर 4 साप्ताहिक।
- दिल्ली-शंघाई: अगस्त तक निलंबित।
- दिल्ली-सिंगापुर: 24 से घटकर 14, मुंबई-सिंगापुर 14 से 7 साप्ताहिक।
- बैंकाक, कुआलालंपुर, हो ची मिन्ह सिटी, हनोई, काठमांडू, ढाका, कोलंबो और माले की उड़ानों में भी उल्लेखनीय कमी।
एयर इंडिया के अनुसार, इन कटौतियों के बावजूद कंपनी हर हफ्ते करीब 1200 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करेगी। इसमें उत्तर अमेरिका के लिए 33, यूरोप के लिए 47, यूके के लिए 57, ऑस्ट्रेलिया के लिए 8 और फार ईस्ट-साउथईस्ट एशिया-सार्क के लिए 158 साप्ताहिक उड़ानें शामिल हैं।
रिफंड और सहायता
प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक एयर इंडिया उड़ानों में समायोजन, मुफ्त तारीख परिवर्तन या पूरा रिफंड दिए जाने की सुविधा होगी। कंपनी 24x7 संपर्क केंद्र और डिजिटल चैनलों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराएगी।
यह कदम केवल एयर इंडिया तक सीमित नहीं है। पश्चिम एशिया संघर्ष और ईंधन संकट के कारण लुफ्थांसा, केएलएम, एयर कनाडा, कतार एयरवेज, एमिरेट्स और एतिहाद जैसी बड़ी एयरलाइंस भी हजारों उड़ानें और लाखों सीटें घटा रही हैं। ग्लोबल स्तर पर मई में ही 13,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं।
