केजरीवाल की रिहाई पर अखिलेश का बीजेपी पर तीखा हमला, बोले - सत्य की जीत, भाजपा का...
Lucknow : दिल्ली आबकारी नीति मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बरी होने पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जोरदार हमला बोला। अखिलेश ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर केजरीवाल की बरी होने को 'सत्य और न्याय की जीत' बताया और बीजेपी को 'कपटजीवी' करार दिया। उन्होंने इस फैसले को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जोड़ते हुए बड़ा दावा किया कि बीजेपी झूठे आरोप लगाने का महापाप कर रही है।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि आज दिल्ली के लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ सत्य और न्याय दोनों खड़े हैं. आरोप कभी इतना बड़ा नहीं हो सकता कि वो सच को आच्छादित कर ले। आज हर ईमानदार आशा भरी साँस लेगा और भाजपा के समर्थक शर्म के मारे घोर आत्म-लज्जित हो रहे होंगे। भाजपा ने दिल्ली के निवासियों से विश्वासघात किया है। उन्होंने आगे कहा कि जो कपटजीवी सनातनी शंकराचार्य जी, साधु, संतों, संन्यासियों तक पर झूठे आरोप लगाने का महापाप करते हैं, वो भला किसी सरकार, दल या किसी व्यक्ति को बदनाम करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, इसकी कल्पना कोई शरीफ़ आदमी कर ही नहीं सकता है।
शंकराचार्य का जिक्र कर बीजेपी पर निशाना
सपा प्रमुख ने बीजेपी पर साधु-संतों और शंकराचार्यों पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आजादी से पहले, वर्तमान सत्ता के जो ‘संगी-साथी’ देश के दुश्मनों से मिले हुए थे और स्वतंत्रता सेनानियों को फाँसी के फंदों तक पहुँचाने के लिए, आजादी के दीवानों के खिलाफ मुखबिरी जिनका काम रहा है और जो देश को गुलाम बनानेवाले साम्राज्यवादियों के माफी-वजीफे पर रहकर अपनी भूमिगत भूमिका निभाते रहे हैं, छल-छलावे के वो विचारवंशी भाजपाई, आज किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। भाजपा के लिए ये समाचार किसी 'नैतिक मृत्युदंड' से कम नहीं है।
केजरीवाल और सिसोदिया का जेल का जिक्र
अखिलेश ने केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के जेल में रहने का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा। केजरीवाल ने जेल जाने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और संकल्प लिया था कि वह तभी पद पर लौटेंगे जब निर्दोष साबित हो जाएंगे। केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था और 13 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। वह पद पर रहते हुए गिरफ्तार होने वाले दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री थे। सिसोदिया को जमानत पर रिहा होने से पहले लगभग 17 महीने जेल में बिताने पड़े थे।
