अन्ना हजारे की बिगड़ी तबीयत, किडनी की समस्या के चलते मुंबई के हॉस्पिटल में कराए गए भर्ती
Anna Hazare Health Update: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। 89 वर्षीय अन्ना हजारे को सोमवार रात करीब 8:30 बजे न्यू मरीन लाइन्स के पास स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल के ICU में भर्ती किया गया। डॉक्टरों को उन्हें वायरल संक्रमण होने की आशंका है।
अन्ना हजारे को इससे पहले महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उनकी हालत को देखते हुए उन्हें सड़क मार्ग से मुंबई लाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी जांच में क्रिएटिनिन लेवल बढ़ा हुआ मिला है, जिसे किडनी की कार्यप्रणाली से जुड़ी समस्या का संकेत माना जाता है। फिलहाल डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
ICU में चल रहा इलाज
अन्ना हजारे को मुंबई लाए जाने के बाद बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उन्हें ICU में रखा गया है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
डॉक्टरों के मुताबिक, फिलहाल वायरल संक्रमण की आशंका को देखते हुए उनकी जांच और उपचार किया जा रहा है। बढ़े हुए क्रिएटिनिन लेवल को देखते हुए उनकी किडनी से संबंधित स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
पहले रालेगण सिद्धि में कराया गया था भर्ती
अन्ना हजारे की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें पहले रालेगण सिद्धि के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए मुंबई लाया गया।
मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल के ICU में दाखिल किया गया। अस्पताल में डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर रहे हैं और आवश्यक जांच की जा रही है।
89 साल के हैं अन्ना हजारे
अन्ना हजारे देश के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता हैं। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को लेकर उन्हें देशभर में व्यापक पहचान मिली। 2011 में दिल्ली के रामलीला मैदान में उनके नेतृत्व में हुआ आंदोलन देश की राजनीति और जनजीवन में लंबे समय तक चर्चा का विषय रहा था।
बढ़ती उम्र के बावजूद अन्ना हजारे सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। ऐसे में उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद उनके समर्थकों और शुभचिंतकों की नजर उनके स्वास्थ्य से जुड़ी अगली जानकारी पर बनी हुई है।
क्या है क्रिएटिनिन बढ़ने का मतलब?
क्रिएटिनिन शरीर में बनने वाला एक अपशिष्ट पदार्थ है, जिसे सामान्य परिस्थितियों में किडनी फिल्टर करके बाहर निकालती है। रक्त में इसका स्तर बढ़ने पर डॉक्टर किडनी की कार्यप्रणाली समेत कई संभावित कारणों की जांच करते हैं।
हालांकि, केवल क्रिएटिनिन बढ़ने के आधार पर किसी व्यक्ति की बीमारी या स्थिति के बारे में निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। अन्ना हजारे के मामले में भी उनकी पूरी स्वास्थ्य स्थिति डॉक्टरों की जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
