संसद में पेश हुआ नया Anti Paper Leak Bill, 90 दिन में फैसला, जानिए और क्या-क्या बदलेगा
वाराणसी के दालमंडी सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत लंगड़ा हाफिज मस्जिद परिसर में चिन्हित निर्माण हटाने का काम शुरू हो गया है। प्रशासन और मस्जिद कमेटी की सहमति के बाद कार्रवाई की जा रही है। प्रभावित 24 दुकानदारों के लिए नई दुकानों का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है।
Anti Paper Leak Bill: देशभर में पेपर लीक को लेकर उठे विवाद और छात्रों के लगातार विरोध के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को और सख्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार ने लोकसभा में Anti Paper Leak Bill पेश कर दिया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह संशोधन विधेयक सदन में रखा। सरकार का दावा है कि नया कानून लागू होने के बाद पेपर लीक करने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होगी, मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी और तीन महीने के भीतर फैसला सुनाने का लक्ष्य रखा गया है।
हाल के दिनों में पेपर लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बाद सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव का संकेत दिया था। अब उसी दिशा में यह संशोधन बिल संसद में लाया गया है।
छात्रों के भविष्य पर राजनीति नहीं होनी चाहिए
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी सुधार कर रही है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सार्थक चर्चा की जाए।
रिजिजू ने कहा कि यह समय बच्चों के भविष्य को मजबूत करने का है और सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
नए बिल में क्या-क्या बदलेगा?
सरकार द्वारा पेश किए गए संशोधन बिल में पुराने कानून की तुलना में कई अहम बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव सजा को लेकर है। पहले जहां दोषियों को 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 5 से 10 साल तक करने का प्रस्ताव रखा गया है। पेपर लीक करने वालों पर लगने वाले जुर्माने की राशि भी कई गुना बढ़ाई गई है। पहले अधिकतम 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाता था, जबकि अब इसे बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये तक करने का प्रावधान किया गया है।
अब जांच करेगी स्पेशल टास्क फोर्स
नए संशोधन के तहत पेपर लीक मामलों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित की जाएगी। पहले ऐसे मामलों की जांच केंद्रीय जांच एजेंसियां करती थीं, लेकिन अब विशेष जांच टीम समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करेगी। सरकार ने जांच पूरी करने की समयसीमा भी तय कर दी है। प्रस्तावित कानून के अनुसार हर मामले की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
नए कानून की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रत्येक राज्य में पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाएंगी। इन अदालतों में रोजाना सुनवाई होगी और 90 दिनों के भीतर फैसला सुनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट में अपील करने के लिए 30 दिन की समयसीमा तय की गई है, जबकि हाईकोर्ट को भी ऐसे मामलों का निपटारा तीन महीने के भीतर करना होगा।
पीएम मोदी लगातार युवाओं से कर रहे संवाद
पेपर लीक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले कुछ दिनों से लगातार युवाओं से संवाद कर रहे हैं। 23 जुलाई को उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर परीक्षा प्रणाली में सुधार और नया कानून लाने की बात कही थी। इसके अगले दिन उन्होंने युवाओं का समर्थन करने के लिए धन्यवाद दिया।
26 जुलाई को प्रधानमंत्री ने परीक्षा सुधारों के लिए हाई पावर टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा।
नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में बनी टास्क फोर्स
सरकार ने इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में छह सदस्यीय हाई पावर टास्क फोर्स का गठन किया है। यह समिति सरकार को सुझाव देगी कि परीक्षा प्रणाली में तकनीक का बेहतर इस्तेमाल कैसे किया जाए, पेपर लीक की घटनाओं को कैसे रोका जाए और छात्रों का भरोसा कैसे मजबूत किया जाए।
प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री
पेपर लीक विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय में भी बड़ा बदलाव हुआ है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और शिक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश करेंगे।
NTA में बड़े बदलाव, 47 अधिकारी बर्खास्त
सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार की शुरुआत राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से भी कर दी है। पेपर लीक मामलों में कार्रवाई करते हुए NTA के 47 अधिकारियों को सेवा से हटा दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार इन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा NTA की आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बदलाव, तकनीकी सुरक्षा मजबूत करने और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की तैयारी चल रही है।
STF करेगी बड़ी परीक्षाओं की जांच
दिल्ली पुलिस ने भी पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी की जांच के लिए विशेष STF का गठन किया है। यह टीम UPSC, NTA समेत देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच करेगी।
सरकार का कहना है कि पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है और कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। नए कानून के लागू होने के बाद ऐसे मामलों में और तेजी से कार्रवाई की जाएगी।
