Ayushman Card e-KYC: आयुष्मान कार्ड धारक तुरंत अपडेट करें अपनी जानकारी, वरना मुफ्त इलाज में आ सकती है दिक्कत
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। आयुष्मान कार्ड में आधार से जुड़ी जानकारी गलत होने पर सत्यापन में दिक्कत आ सकती है। जानिए मोबाइल से e-KYC करने, कार्ड अपडेट करने और स्टेटस जांचने का पूरा तरीका।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। लेकिन अगर आयुष्मान कार्ड में दर्ज नाम, जन्मतिथि या अन्य जानकारी आधार कार्ड से मेल नहीं खाती, तो अस्पताल में इलाज के दौरान पात्रता सत्यापन में परेशानी हो सकती है। ऐसे में लाभार्थियों को अपने कार्ड की जानकारी जांच लेनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर आयुष्मान ऐप के जरिए घर बैठे e-KYC और जरूरी अपडेट किए जा सकते हैं।
आयुष्मान कार्ड में e-KYC क्यों जरूरी है?
e-KYC यानी इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर के जरिए लाभार्थी की पहचान का डिजिटल सत्यापन किया जाता है। इससे योजना के रिकॉर्ड में सही जानकारी रखने और पात्रता की पुष्टि करने में मदद मिलती है।
इन परिस्थितियों में कार्ड की जानकारी दोबारा जांचना उपयोगी है:
आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि या लिंग जैसी जानकारी अपडेट कराई हो।
आयुष्मान कार्ड पर पुरानी या गलत जानकारी दर्ज हो।
कार्ड में लगी फोटो स्पष्ट न हो या उसे अपडेट करने की जरूरत हो।
पहले कराई गई e-KYC का स्टेटस अधूरा दिखाई दे रहा हो।
ध्यान रखें कि हर कार्डधारक के लिए दोबारा e-KYC की जरूरत एक जैसी नहीं होती। यह लाभार्थी के रिकॉर्ड और उपलब्ध विकल्पों पर निर्भर कर सकता है।
मोबाइल से आयुष्मान कार्ड की e-KYC कैसे करें?
लाभार्थी नीचे दिए गए तरीके से अपने मोबाइल पर e-KYC की प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश कर सकते हैं।
स्टेप 1: अपने मोबाइल में आधिकारिक Ayushman App इंस्टॉल करें। फेस ऑथेंटिकेशन के लिए जरूरत पड़ने पर Aadhaar FaceRD ऐप भी इंस्टॉल करें।
स्टेप 2: Ayushman App खोलें और Login विकल्प पर जाकर Beneficiary मोड चुनें।
स्टेप 3: अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP के जरिए लॉगिन पूरा करें।
स्टेप 4: राज्य, योजना और जिला चुनें। इसके बाद उपलब्ध विकल्प के अनुसार आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर से लाभार्थी का रिकॉर्ड खोजें।
स्टेप 5: परिवार के सदस्यों की सूची में उस व्यक्ति का नाम चुनें, जिसकी e-KYC करनी है। इसके बाद e-KYC या Redo e-KYC विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 6: उपलब्ध विकल्पों में से आधार OTP, फेस ऑथेंटिकेशन या फिंगरप्रिंट के जरिए पहचान सत्यापित करें।
स्टेप 7: मांगी गई जानकारी भरें। जरूरत पड़ने पर लाइव फोटो लें और विवरण जमा कर दें।
स्टेप 8: आवेदन सबमिट करने के बाद उसका स्टेटस जांचते रहें। मंजूरी मिलने और रिकॉर्ड अपडेट होने के बाद ऐप में कार्ड डाउनलोड करने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है।
e-KYC नहीं होने पर क्या मुफ्त इलाज रुक जाएगा?
यह समझना जरूरी है कि केवल e-KYC अधूरी होने से हर लाभार्थी का आयुष्मान कार्ड या मुफ्त इलाज अपने आप बंद हो जाता है, ऐसा जरूरी नहीं है। लेकिन अगर पहचान सत्यापन में गड़बड़ी है या कार्ड और आधार की जानकारी में अंतर है, तो अस्पताल में पात्रता की पुष्टि और कैशलेस इलाज की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
इसलिए किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए पहले अपने कार्ड का स्टेटस जांचें। यदि e-KYC अधूरी है या जानकारी गलत है, तो उपलब्ध आधिकारिक विकल्प के जरिए उसे ठीक कराएं। जरूरत पड़ने पर आयुष्मान भारत की हेल्पलाइन 14555 पर संपर्क करके जानकारी ली जा सकती है।
आयुष्मान भारत योजना में कितना मिलता है लाभ?
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित उपचार के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। यह सुविधा पात्रता और योजना के नियमों के अनुसार कैशलेस इलाज के रूप में उपलब्ध होती है।
इसलिए कार्ड बनवाने के बाद उसकी जानकारी सही रखना भी जरूरी है। अगर आधार में कोई बदलाव कराया है या कार्ड का सत्यापन अधूरा है, तो समय रहते रिकॉर्ड जांचना बेहतर रहेगा।
