मंदिर हो या मस्जिद, तेज आवाज में लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध: CM शुभेंदु का सख्त निर्देश
कोलकाता I कोलकाता से आ रही रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया दावों के अनुसार पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर नई राजनीतिक व्यवस्था के तहत प्रशासनिक फैसलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में सुवेंदु अधिकारी ने शपथ ग्रहण के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
सूत्रों के अनुसार, इन प्रस्तावित निर्देशों में धार्मिक स्थलों के बाहर लाउडस्पीकर की आवाज नियंत्रित करने, चुनाव के बाद दर्ज 1300 से अधिक हिंसा मामलों की नए सिरे से जांच कराने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती जैसे मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा कथित तौर पर सरकारी नौकरियों के लिए आयु सीमा 40 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने और 1 जून से महिलाओं को निजी बसों में मुफ्त यात्रा देने जैसे निर्णयों की भी चर्चा है।
पुलिसिंग और कानून व्यवस्था पर सख्ती के निर्देश
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सचिवालय नबन्ना में हुई बैठक में पुलिस को निर्देश दिए जाने की बात कही गई है कि—
- चुनाव के बाद हुई हिंसा, जबरन वसूली और गुंडागर्दी से जुड़े मामलों की नए सिरे से जांच की जाए
- अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो
- कोयला, रेत और पत्थर के अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए
- दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामलों को फिर से खोला जाए
- सांप्रदायिक हिंसा भड़काने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए
- पशु तस्करी और अवैध बूचड़खानों पर रोक लगाई जाए
लाउडस्पीकर और धार्मिक स्थलों पर बहस
लाउडस्पीकर को लेकर कथित प्रतिबंधात्मक निर्देशों पर राजनीतिक और सामाजिक बहस भी शुरू हो गई है। कुछ धार्मिक संगठनों ने इसे समान रूप से लागू करने की मांग की है, जबकि अन्य ने चयनात्मक कार्रवाई पर आपत्ति जताई है।
विरोध और प्रतिक्रियाएं
इन कथित फैसलों को लेकर विभिन्न समुदायों और संगठनों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने इसे कानून व्यवस्था सुधार की दिशा में कदम बताया है, तो कुछ ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर आपत्ति जताई है।
