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बुलेट ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट! किन रूटों पर दौड़ेगी और कब होगी शुरुआत, रेल मंत्री ने बताया पूरा प्लान

 
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भारत में हाई-स्पीड रेल का सपना अब जल्द हकीकत बनने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का पहला सेक्शन अगले साल आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

हैदराबाद में आयोजित HYSEA GCCS और IT राउंडटेबल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि पहले चरण में सूरत और बिलिमोरा के बीच बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होगी। इसके बाद क्रमशः वापी-सूरत, वापी-अहमदाबाद, अहमदाबाद-ठाणे और अंत में अहमदाबाद से मुंबई तक के हिस्सों को चालू किया जाएगा।

रेल मंत्रालय ने भी सोशल मीडिया पर मंत्री का वीडियो साझा करते हुए कहा कि "भारत की पहली बुलेट ट्रेन अपने अगले अध्याय में प्रवेश कर रही है।"

हैदराबाद बनेगा हाई-स्पीड रेल हब

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भविष्य में पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु जैसे तीन प्रमुख बुलेट ट्रेन कॉरिडोर विकसित होने से हैदराबाद देश का एक बड़ा हाई-स्पीड रेल हब बन जाएगा। उनके अनुसार, इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और राज्यों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

कई शहरों के बीच यात्रा होगी बेहद तेज

रेल मंत्री ने बताया कि बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कई प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। प्रस्तावित समय के अनुसार:

हैदराबाद से मुंबई: लगभग 2 घंटे 50 मिनट
हैदराबाद से अमरावती: लगभग 1 घंटा 10 मिनट
हैदराबाद से चेन्नई: लगभग 3 घंटे
हैदराबाद से बेंगलुरु: लगभग 2 घंटे 35 मिनट

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से तेलंगाना के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा और राज्य के विकास को नई दिशा मिलेगी।

रेलवे और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश पर जोर

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना के लिए रेलवे क्षेत्र में 5,400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए देशभर में 100 से अधिक कंपनियों को प्रोत्साहित किया गया है, जिसका लाभ तेलंगाना को भी मिल रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि देशभर में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से जारी है और अब तक 261 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा किया जा चुका है।