NEET पेपर लीक केस में बीजेपी नेता गिरफ्तार, 30 लाख में खरीदा था पेपर, जांच में बड़ा खुलासा
New Delhi : NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बीजेपी नेता दिनेश बिवाल और उसके भाई मांगीलाल बिवाल को गिरफ्तार किया है। दोनों भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पेपर 30 लाख रुपये में खरीदा था।
जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों ने यह पेपर सीकर जिले के राकेश मंडवारिया से खरीदा था। बताया जा रहा है कि पेपर पहले परिवार के कुछ बच्चों के लिए लिया गया था, लेकिन बाद में पैसे कमाने के उद्देश्य से इसे अन्य लोगों को भी बेचा गया।
दिनेश बिवाल जयपुर की जमवा रामगढ़ विधानसभा सीट पर बीजेपी का सक्रिय कार्यकर्ता बताया जा रहा है। वह पार्टी के कई कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है और बीजेपी युवा मोर्चा में मंत्री पद पर भी रह चुका है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, दोनों भाई फिलहाल सीबीआई की कस्टडी में हैं। SOG ने जिन दो दर्जन से अधिक आरोपियों को सीबीआई को सौंपा था, उनमें ये दोनों भी शामिल थे।
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोला है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए राजस्थान सरकार के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के साथ दिनेश बिवाल की तस्वीर साझा की और आरोप लगाया कि आरोपी बीजेपी नेताओं के करीबी रहे हैं।
जांच एजेंसियों को यह जानकारी भी मिली है कि दिनेश बिवाल के परिवार के कई सदस्य मेडिकल शिक्षा से जुड़े हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि कुछ छात्रों का चयन भी कथित रूप से गलत तरीके से कराया गया हो सकता है। सीबीआई अब परिवार के अन्य सदस्यों और छात्रों से भी पूछताछ की तैयारी में है।
सीबीआई को बिवाल ब्रदर्स की जानकारी तब मिली जब सीकर की एक कंसल्टेंसी एजेंसी चलाने वाले राकेश मंडवारिया को देहरादून से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग सामने आए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
