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BRICS Summit में जुटेंगे 11 देशों के नेता, PM मोदी बोले- वैश्विक कल्याण के लिए होगी सार्थक बातचीत

भारत में शनिवार से दो दिवसीय BRICS Summit शुरू होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें सम्मेलन में वैश्विक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा की पूरी उम्मीद है। नई दिल्ली में होने वाले शिखर सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे।
 
BRICS Summit
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BRICS Summit 2026: भारत की मेजबानी में शनिवार से दो दिवसीय BRICS Summit 2026 शुरू होने जा रहा है। सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा जताया है कि इसमें दुनिया से जुड़े अहम मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी। PM मोदी ने कहा कि इस बैठक में होने वाली बातचीत का उद्देश्य वैश्विक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि आने वाले दिनों में दुनिया के कई देशों के नेता BRICS Summit के लिए भारत में जुटेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी और इसका लक्ष्य वैश्विक कल्याण रहेगा।

किन मुद्दों पर रहेगा BRICS Summit का फोकस?

नई दिल्ली में होने वाले दो दिवसीय BRICS Summit में खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा जोखिम में कमी और महत्वपूर्ण सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सामूहिक क्षमता मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है।

भारत इस समूह को ऐसे समय में प्रभावी मंच के तौर पर पेश कर रहा है, जब दुनिया का भू-राजनीतिक माहौल लगातार बदल रहा है और कई मोर्चों पर देशों के बीच तनाव बना हुआ है।

रूस-यूक्रेन युद्ध और West Asia Crisis की भी छाया

BRICS Summit ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कई अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर पड़ रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में जारी संकट और Strait of Hormuz की नाकेबंदी से पैदा हुई स्थिति के साथ-साथ अमेरिका की ट्रंप सरकार की व्यापार और टैरिफ नीतियां भी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

ऐसे अंतरराष्ट्रीय माहौल में BRICS Summit को भारत के लिए वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका और प्राथमिकताओं को सामने रखने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

11 सदस्य देशों के नेता होंगे शामिल

नई दिल्ली में होने वाले सम्मेलन में BRICS के सभी 11 सदस्य देशों के प्रमुख नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबiy अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग शामिल हैं।

भारत दौरे पर व्लादिमीर पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी BRICS Summit में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को भारत पहुंचने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। उनका यह भारत दौरा तीन दिनों का है। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे।

दोनों नेताओं की बैठक में व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग के साथ-साथ रक्षा, तकनीक, फार्मास्युटिकल्स और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब पुतिन रूस के बाहर आयोजित किसी BRICS Summit में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा ले रहे हैं।

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

BRICS Summit के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। सम्मेलन का आयोजन भारत मंडपम में होगा। दिल्ली पुलिस के करीब 15,000 जवान, अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां और दिल्लीभर में 500 से ज्यादा CCTV कैमरे सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।

VVIP काफिलों की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली के कुछ हिस्सों में अस्थायी ट्रैफिक रोक, डायवर्जन और दूसरे प्रतिबंध लगाए जाएंगे। हालांकि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा।

वैश्विक मंच पर भारत की बड़ी भूमिका

पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने भी BRICS Summit को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि यह भारत को वैश्विक मंच पर अपनी नेतृत्वकारी भूमिका दिखाने का अवसर देता है। उनके मुताबिक, चीन, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और भारत समेत सभी 11 सदस्य देशों के नेताओं की मौजूदगी देशों के बीच मतभेद कम करने और बेहतर वैश्विक परिस्थितियां बनाने की दिशा में बातचीत का अवसर दे सकती है।

फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन से पहले जिस तरह सकारात्मक और सार्थक चर्चा के साथ वैश्विक कल्याण की उम्मीद जताई है, उससे साफ है कि भारत BRICS Summit को मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच सहयोग और संवाद के महत्वपूर्ण मंच के तौर पर देख रहा है।