फाइटर जेट, एयरो इंजन और पनडुब्बियां, रक्षा बजट में एक लाख करोड़ की बढ़ोतरी
बजट 2026-27 में सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए आवंटन बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इसमें सेना के आधुनिकीकरण, फाइटर जेट, एयरो इंजन, नौसेना की फ्लीट और ड्रोन खरीद पर विशेष जोर दिया गया है।
Defense Budget: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पेश किए गए पहले बजट में केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र को लेकर अपना स्पष्ट और मजबूत संदेश दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में रक्षा आवंटन को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ाकर यह संकेत दिया है कि सरकार को देश की सीमाओं पर मौजूद दोहरी सामरिक चुनौतियों का पूरा आभास है।
बजट में रक्षा खर्च के लिए कुल 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो चालू वित्त वर्ष 2025-26 के 6.81 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 1,03,000 करोड़ रुपये से अधिक है। यह वृद्धि हाल के वर्षों में रक्षा क्षेत्र के लिए की गई सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक मानी जा रही है।
इस कुल रक्षा बजट में 2.19 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत आवंटन शामिल है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है। इस पूंजीगत राशि का उपयोग तीनों सेनाओं—थल सेना, वायु सेना और नौसेना—के हथियारों, उपकरणों और सैन्य साजो-सामान की खरीद के लिए किया जाएगा। इसका बड़ा हिस्सा लड़ाकू जेट विमानों, एयरो इंजनों की खरीद, तथा नौसेना की पोत और पनडुब्बी फ्लीट के निर्माण पर खर्च होगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीमा पर बढ़ती सामरिक चुनौतियों और ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभवों के परिप्रेक्ष्य में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 7,84,678 करोड़ रुपये का रक्षा आवंटन प्रस्तावित किया है। यह 2025-26 के संशोधित बजट आवंटन 6,81,210 करोड़ रुपये की तुलना में 1.03 लाख करोड़ रुपये अधिक है।
रक्षा बजट में 5,53,668 करोड़ रुपये का प्रावधान राजस्व खर्च के लिए किया गया है, जिसमें पेंशन मद में 1,71,338 करोड़ रुपये शामिल हैं। पेंशन के लिए यह राशि मौजूदा वित्त वर्ष के 1.60 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 11,000 करोड़ रुपये अधिक है।
तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए बजट में 1.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत अधिक है। कुल मिलाकर रक्षा बजट देश के जीडीपी का लगभग 2 प्रतिशत और कुल केंद्रीय बजट का करीब 11 प्रतिशत है।
पूंजीगत खर्च के तहत आवंटित 2,19,306 करोड़ रुपये, 2025-26 के संशोधित पूंजीगत खर्च 1,86,454 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 34,000 करोड़ रुपये अधिक हैं। इस राशि में से 63,733 करोड़ रुपये एयरक्राफ्ट और एयरो इंजन की खरीद पर खर्च किए जाएंगे। वहीं नौसेना की फ्लीट निर्माण योजनाओं के लिए 25,023 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इसके अलावा पूंजीगत खरीद के तहत अगली पीढ़ी के फाइटर एयरक्राफ्ट, स्मार्ट और घातक हथियार, जहाज और पनडुब्बियां, मानवरहित हवाई वाहन (UAV), ड्रोन, और विशेषीकृत सैन्य वाहन खरीदे जाएंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद आया यह बजट देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के सरकार के संकल्प को सुदृढ़ करता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सेनाओं के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च और 1.85 लाख करोड़ रुपये का आधुनिकीकरण बजट प्रावधान किया गया है, जो सैन्य क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
