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BRICS Summit 2026: कौन हैं Cai Qi? Xi Jinping के ‘राइट हैंड मैन’ पहली बार भारत आए, चीन में रखते हैं इतनी ताकत
 

Xi Jinping के बेहद करीबी और चीन के दूसरे सबसे ताकतवर नेताओं में शामिल Cai Qi पहली बार भारत पहुंचे हैं। BRICS समिट के दौरान उनकी मौजूदगी चर्चा में है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में कई अहम पद संभालने वाले Cai Qi को जिनपिंग का राइट हैंड मैन माना जाता है।
 
BRICS Summit 2026
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BRICS Summit 2026: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बेहद करीबी और चीन की सत्ता में दूसरे सबसे ताकतवर नेताओं में गिने जाने वाले Cai Qi पहली बार भारत पहुंचे हैं। BRICS समिट के लिए जिनपिंग के साथ आए Cai Qi की मौजूदगी ने खासा ध्यान खींचा है। उन्हें जिनपिंग का ‘राइट हैंड मैन’ और सबसे भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है।

चीन ने शनिवार को बताया कि शी जिनपिंग के प्रतिनिधिमंडल में Cai Qi के अलावा विदेश मंत्री वांग यी भी शामिल हैं। जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आए हैं। ऐसे में Cai Qi का उनके साथ भारत आना चीन की ओर से इस यात्रा को दिए जा रहे महत्व का संकेत माना जा रहा है।

कौन हैं Cai Qi?

Cai Qi चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं, जो चीन की सत्ता का सबसे ऊपरी स्तर है। 2022 में वह सात सदस्यीय पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी में शामिल हुए थे। इस साल उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय विचारधारा स्कूल का प्रमुख बनाया गया। यह संस्थान पार्टी के नए अधिकारियों को तैयार करने और पार्टी की विचारधारा को दिशा देने में अहम भूमिका निभाता है।

Cai Qi चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल ऑफिस के प्रमुख भी हैं। इस पद की वजह से उन्हें जिनपिंग के वास्तविक चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर भी देखा जाता है। इन जिम्मेदारियों के चलते एक ही नेता के हाथों में काफी राजनीतिक शक्ति केंद्रित हो गई है।

कुछ ही साल में तेजी से बढ़ा राजनीतिक कद

Cai Qi का राजनीतिक उभार काफी तेज रहा है। 2017 में उन्हें सीधे चीन के पोलित ब्यूरो में शामिल किया गया। इससे कुछ ही समय पहले वह बीजिंग के कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख बनाए गए थे। इससे पहले वह बीजिंग के मेयर रह चुके थे, लेकिन मेयर बनने के कुछ ही महीनों बाद उन्हें पार्टी के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय में जगह मिल गई। आम तौर पर इस तरह की राजनीतिक प्रगति में काफी अधिक समय लगता है।

2022 में पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी में शामिल होने के बाद उनका कद और बढ़ गया। अब वह जिनपिंग के सबसे करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं।

दो दशक से ज्यादा पुराना है जिनपिंग से रिश्ता

Cai Qi और Xi Jinping की नजदीकी कोई नई बात नहीं है। दोनों का संबंध कई दशक पुराना है। दोनों ने चीन की ‘कल्चरल रेवोल्यूशन’ के दौरान वर्कर-पिजन्ट-सोल्जर छात्रों के तौर पर अपना शुरुआती दौर देखा था।

इसके बाद दोनों ने फुजियान और झेजियांग जैसे तटीय प्रांतों में दो दशक से ज्यादा समय तक काम किया। इसी दौरान दोनों के बीच राजनीतिक और व्यक्तिगत भरोसा मजबूत हुआ। यही संबंध आगे चलकर Cai Qi के जिनपिंग के सबसे करीबी सहयोगियों में शामिल होने की बड़ी वजहों में से एक माना जाता है।

कभी सोशल मीडिया पर ‘Uncle Cai’ नाम से थे मशहूर

राजनीति के शुरुआती दौर में Cai Qi चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Weibo पर काफी सक्रिय रहते थे। वह ‘Uncle Cai’ नाम से जाने जाते थे और आम लोगों से सीधे बातचीत करते थे। लेकिन 2014 में एक महत्वपूर्ण केंद्रीय पार्टी पद पर आने के बाद उनका अंदाज बदल गया। उन्होंने अपना Weibo अकाउंट भी हटा दिया और शासन को लेकर उनका रवैया पहले की तुलना में काफी सख्त हो गया। बीजिंग में अधिकारियों को दिए गए उनके एक भाषण के बाद उनकी कार्यशैली को लेकर विवाद भी हुआ था।

चीन की साइबर सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा में भी अहम भूमिका

Cai Qi सिर्फ पार्टी के राजनीतिक फैसलों तक सीमित नहीं हैं। वह चीन की साइबर सुरक्षा नीति से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी भी करते हैं। इसके अलावा वह चीन के नेशनल सिक्योरिटी कमीशन के उप प्रमुख भी हैं। यानी पार्टी संगठन, विचारधारा, प्रशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनकी भूमिका है। यही वजह है कि उन्हें चीन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल किया जाता है।

भारत दौरे पर क्यों टिकी हैं नजरें?

Cai Qi की पहली भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत पहुंचे हैं और दोनों देशों के रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशों के बीच BRICS समिट आयोजित हो रही है।

पिछले साल तियानजिन में SCO सम्मेलन के दौरान Cai Qi की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई थी। इसके अलावा 2025 में शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के दौरान भी Cai Qi नजर आए थे। इस साल ट्रंप के चीन दौरे के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति से हाथ मिलाने वाले शुरुआती चीनी अधिकारियों में भी Cai Qi शामिल थे।