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अरुणाचल में चीन की नई चाल? 2023 से इस पेट्रोलिंग पॉइंट पर नहीं पहुंची भारतीय सेना, सरकार ने दिया जवाब

अरुणाचल प्रदेश के तक्सिंग सेक्टर में चीन की PLA पर भारतीय पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक पहुंच रोकने का PPA ने आरोप लगाया है। 2023 से शेरा-5 पॉइंट को लेकर भी सवाल उठे हैं। सरकार ने कथित चीनी अतिक्रमण के दावों को खारिज किया है। जानिए पूरा मामला, सेना का जवाब और सीमा की स्थिति।

 
अरुणाचल
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नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश के तक्सिंग सेक्टर में भारत-चीन सीमा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) की एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने दावा किया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) भारतीय सैनिकों को कुछ महत्वपूर्ण पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक पहुंचने से रोक रही है। हालांकि, केंद्र सरकार से जुड़े सूत्रों ने इन दावों को खारिज किया है और कहा है कि भारतीय सेना तथा ITBP सीमा पर चीनी गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

PPA की चार सदस्यीय कमेटी ने 10 जुलाई 2026 को तक्सिंग क्षेत्र का दौरा किया था। कमेटी की अध्यक्षता पूर्व मंत्री और PPA के मुख्य सलाहकार कहफा बेंगिया ने की। टीम ने स्थानीय लोगों, बुजुर्गों और क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों से बातचीत के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की।

2023 से एक पेट्रोलिंग पॉइंट पर पहुंच नहीं?

PPA की रिपोर्ट में शेरा-5 पॉइंट को लेकर सबसे गंभीर दावा किया गया है। स्थानीय लोगों के हवाले से कमेटी ने बताया कि 2023 में इस स्थान पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच टकराव हुआ था। इसके बाद भारतीय जवान पीछे हटे और कथित तौर पर दोबारा वहां नहीं लौटे।

रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद PLA ने वहां मौजूद भारतीय निशानों को हटा दिया और भारतीय सैनिकों की पेट्रोलिंग को रोकना शुरू कर दिया। PPA ने इसे चीन की कथित 'धीरे-धीरे जमीन पर पकड़ मजबूत करने' की रणनीति का उदाहरण बताया है। हालांकि, यह PPA की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का दावा है, आधिकारिक सैन्य आकलन नहीं।

सर्दियों में कम होती है भारतीय पेट्रोलिंग?

PPA कमेटी ने सीमा क्षेत्र में भारतीय पेट्रोलिंग की मौसमी प्रकृति को भी चिंता का विषय बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारी बर्फबारी और बेहद खराब मौसम के कारण नियमित सेना की पेट्रोलिंग मुख्य रूप से अप्रैल से अक्टूबर के बीच होती है।

कमेटी का दावा है कि सर्दियों के दौरान स्थानीय पोर्टरों की सेवाएं भी काफी हद तक बंद हो जाती हैं, जिससे इस संवेदनशील क्षेत्र में भारतीय सैन्य मौजूदगी कम हो जाती है। इसके विपरीत, रिपोर्ट में कहा गया है कि PLA पूरे साल अपनी गतिविधियां जारी रखता है।

स्थानीय लोगों के पारंपरिक इलाकों पर भी सवाल

PPA ने नंगा पहाड़ क्षेत्र को लेकर भी चिंता जताई है। यह इलाका स्थानीय नाह और मारा समुदायों के लिए पारंपरिक रूप से शिकार और याक पालन से जुड़ा रहा है। कमेटी के मुताबिक, अब स्थानीय लोगों की वहां आवाजाही प्रतिबंधित है।

PPA का दावा है कि स्थानीय लोगों की पहुंच सीमित होने से PLA को इस इलाके में अपनी गतिविधियां बढ़ाने का मौका मिल सकता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

चीन पर 'धीरे-धीरे बढ़ने' का आरोप, सरकार ने दावे खारिज किए

अरुणाचल में कथित चीनी गतिविधियों को लेकर इससे पहले भी सवाल उठ चुके हैं। जून में तक्सिंग की एक स्थानीय संस्था ने सीमा के पास चीनी कैंप बनाए जाने का आरोप लगाया था। भारतीय सेना ने 29 जून को इन दावों को गलत और आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया था।

अब PPA की रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार से जुड़े सूत्रों ने भी चीन के कथित 'धीमे अतिक्रमण' के दावों को खारिज किया है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना और ITBP सीमा पर निगरानी और चीनी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

राजनाथ सिंह और जयशंकर की भी हुई बैठक

मामला सामने आने के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद परिसर में रक्षा मंत्री के कार्यालय में बैठक की। यह बैठक अरुणाचल प्रदेश को लेकर सामने आ रहे सीमा संबंधी दावों के बीच हुई।

इससे एक दिन पहले भारत ने अरुणाचल प्रदेश के आधिकारिक नक्शों में 27 स्थानों को चिह्नित करने को लेकर चीन की आपत्ति को भी खारिज किया था। विदेश मंत्रालय ने दोहराया था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है।

PPA ने सीमा पर सड़क और सैन्य ढांचे को मजबूत करने की मांग की

फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने तक्सिंग सेक्टर में सड़क, संचार और सैन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की सिफारिश की है। PPA ने नाचो-तक्सिंग BRO रोड का निर्माण युद्ध स्तर पर पूरा करने की मांग की है। इसके अलावा गलैमो-पोकोरला के बीच प्रस्तावित 68 किलोमीटर सड़क को प्राथमिकता देने, तक्सिंग-पोकोरला रोड को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और सिपी-2 में हेलीपैड बनाने की मांग की गई है। कमेटी ने सिपी-4 और सिपी-6 में स्थायी सेना बेस बनाने के साथ-साथ बिजली, फोन और नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर करने की भी सिफारिश की है।

चीन बोला- सीमा पर स्थिति 'स्थिर'

इन आरोपों के बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने भारत-चीन सीमा की स्थिति को 'फिलहाल सामान्य रूप से स्थिर' बताया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बुधवार को कहा कि सीमा पर स्थिति सामान्य रूप से स्थिर है।

फिलहाल PPA की रिपोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के बेहद संवेदनशील और दुर्गम तक्सिंग सेक्टर को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि PPA की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के दावे को केंद्र सरकार या भारतीय सेना की आधिकारिक रिपोर्ट के तौर पर नहीं देखा जा सकता। सरकार ने कथित 'धीमे चीनी अतिक्रमण' के दावों को खारिज किया है।