CM योगी के ‘जनता दर्शन’ में मासूम की जान बचाने की मिसाल: तुरंत KGMU भिजवाया, इलाज शुरू
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए एक बार फिर जनता की सेवा का दिन सोमवार की सुबह बन गया। गोरखपुर से शुरू हुई ‘जनता दर्शन’ की परंपरा अब लखनऊ में भी लोगों के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी किरण बन चुकी है। इसी कड़ी में आज एक गरीब मां अपने सात माह के बीमार बच्चे को लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंची और सीएम योगी ने न सिर्फ उसकी फरियाद सुनी, बल्कि तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चे को एंबुलेंस से किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) भिजवाया।
राजेंद्र नगर, ऐशबाग निवासी महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह किराए के मकान में रहती हैं और आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है। उनके सात माह के बच्चे को गंभीर हृदय रोग है, जिसके इलाज के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं। यह सुनते ही मुख्यमंत्री योगी ने बच्चे को गोद में लिया, दुलारा और मां को आश्वासन दिया कि “बेफिक्र रहिए, सरकार आपके साथ है।” इसके बाद उन्होंने तत्काल एंबुलेंस बुलवाई और KGMU के कुलपति को फोन कर बच्चे के इलाज की पूरी व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए। सीएम के आदेश के कुछ ही मिनटों में मासूम का इलाज शुरू हो गया।
इसके अलावा बुलंदशहर से आए एक अर्धसैनिक बल के जवान ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने उनका प्रार्थना-पत्र लिया और कहा, “आप देश की सीमा और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा कर रहे हैं, आप निश्चिंत होकर ड्यूटी कीजिए। आपके परिवार और आपकी जमीन की जिम्मेदारी अब सरकार की है।” उन्होंने अधिकारियों को मामले की तत्काल जांच कर जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 60 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद हर व्यक्ति के पास गए, एक-एक करके सभी के प्रार्थना-पत्र लिए, समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण के सख्त निर्देश दिए। जमीन कब्जा, पुलिसिया उत्पीड़न, आर्थिक सहायता, बिजली, चिकित्सा सहित तमाम विभागों से जुड़ी शिकायतें आईं।
