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वंदे भारत की रखवाली में CORAS! हाई-ट्रेंड स्पेशल फोर्स, आखिर कौन है ये सीक्रेट कमांडो यूनिट?

जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस के विस्तार के साथ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ट्रेन की सुरक्षा में कॉरास कमांडो तैनात किए गए हैं, जो रेलवे की विशेष इकाई है। यह कदम संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

 
CORAS
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देश की हाई-स्पीड ट्रेन सेवा को बड़ा विस्तार देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जम्मू तवी से श्रीनगर तक विस्तारित वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हालांकि इस दौरान एक और वजह से यह ट्रेन चर्चा में आ गई- स्टेशन पर तैनात काले वर्दी में भारी हथियारों से लैस कमांडो।

कौन हैं ये CORAS?

वीडियो में दिख रहे ये कमांडो आम अर्धसैनिक बलों जैसे सीआरपीएफ, सीआईएसएफ या एनएसजी के नहीं हैं। ये विशेष रूप से रेलवे सुरक्षा के लिए बनाई गई इकाई कॉरास (कमांडोज फॉर रेलवे सिक्योरिटी) से जुड़े हैं। कॉरास, रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे सुरक्षा विशेष बल की एक विशेष यूनिट है, जिसे वर्ष 2019 में लॉन्च किया गया था।

बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा, 21 जवान तैनात

जम्मू-कटरा-श्रीनगर-बारामूला रेलखंड, जो करीब 327 किलोमीटर लंबा है, वहां इस ट्रेन के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस की सुरक्षा में कुल 21 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें कॉरास कमांडो भी शामिल हैं।

क्यों खास है CORAS फोर्स?

CORAS, रेलवे सुरक्षा बल की एक अत्यंत प्रशिक्षित इकाई है, जिसमें स्वयंसेवक जवान शामिल होते हैं। यह बल रेलवे सुरक्षा विशेष बल की 14 बटालियनों में से चुने गए कर्मियों से तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य नक्सल और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

एनएसजी और ग्रेहाउंड्स से ली ट्रेनिंग

CORAS कमांडो को देश की सबसे खतरनाक परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इन जवानों को हरियाणा के मानेसर स्थित एनएसजी प्रशिक्षण केंद्र के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना पुलिस की विशेष इकाई ‘ग्रेहाउंड्स’ के साथ भी ट्रेनिंग दी गई है।

इनकी ट्रेनिंग में शामिल हैं

लैंडमाइन और आईईडी हैंडलिंग
बंधक बचाव ऑपरेशन
स्नाइपिंग और ब्रिचिंग तकनीक

कहां-कहां तैनात है यह फोर्स?

कॉरास की बटालियन का ढांचा काफी मजबूत है, जिसमें पांच कंपनियां और एक मुख्यालय कंपनी शामिल है।

यह बल देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात है-

चक्रधरपुर (दक्षिण पूर्व रेलवे)
वाल्टेयर डिवीजन (पूर्वी तट रेलवे)
बस्तर क्षेत्र
बारामूला (जम्मू-कश्मीर)

वर्तमान में इस बटालियन में 700 से अधिक जवान तैनात हैं।

कश्मीर रूट पर क्यों जरूरी है यह सुरक्षा?

जम्मू-कश्मीर का यह रेलमार्ग लंबे समय से सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील रहा है। ऐसे में वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन सेवा के लिए उच्च स्तर की सुरक्षा बेहद जरूरी मानी जा रही है। कॉरास कमांडो की तैनाती न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को भी किसी संभावित खतरे से बचाने में अहम भूमिका निभाएगी।