भर्ती परीक्षाओं पर संकट : देशभर में 11 दिनों में 28 से ज्यादा एग्जाम रद्द, कई जांच के घेरे में
देश में इन दिनों भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरफ झारखंड में छात्र आंदोलन ने सरकार पर दबाव बढ़ाया है, तो दूसरी तरफ बिहार में 70वीं बीपीएससी परीक्षा को लेकर अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़े फैसले सामने आए हैं।
पिछले कुछ दिनों में पेपर में गड़बड़ी, परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल, प्रशासनिक कारण और भर्ती प्रक्रिया में बदलाव जैसे अलग-अलग कारणों से कई परीक्षाओं को रद्द या स्थगित किया गया है। वहीं, कुछ परीक्षाएं ऐसी भी हैं जिनकी जांच चल रही है।
झारखंड में 22 परीक्षाएं रद्द, 6 स्थगित
झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया। 18 और 19 अगस्त को सरकार की ओर से बड़ी संख्या में भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने, कुछ को स्थगित करने और कई मामलों की जांच कराने का निर्णय लिया गया।
रद्द की गई परीक्षाओं में JSSC CGL, JPSC सिविल सर्विस परीक्षा, ड्रग इंस्पेक्टर, डेंटल डॉक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, पॉलिटेक्निक लेक्चरर, सिविल जज (जूनियर डिवीजन), असिस्टेंट इंजीनियर, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट समेत कई भर्तियां शामिल हैं। हालांकि, इनमें से कुछ परीक्षाओं को रद्द किए जाने के फैसले पर हाईकोर्ट की ओर से रोक भी लगाई जा चुकी है। ऐसे में इन भर्तियों का भविष्य फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बीच अटका हुआ है।
क्यों उठे सवाल?
छात्रों की ओर से भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और कथित मिलीभगत के आरोप लगाए गए थे। सरकार ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए कई परीक्षाओं की जांच कराने का फैसला लिया है। इन परीक्षाओं के आयोजन में निजी एजेंसी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं।
UGC-NET में तीन विषयों की परीक्षा रद्द
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने जून 2026 की UGC-NET परीक्षा में तीन विषयों के पेपर रद्द करने का फैसला लिया। इनमें इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी शामिल हैं। NTA के मुताबिक इन विषयों के प्रश्नपत्रों में स्पेलिंग और प्रिंटिंग से जुड़ी गलतियां सामने आई थीं। इसके बाद इन परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।
हालांकि, अभ्यर्थियों की ओर से यह आरोप भी लगाए गए कि कुछ प्रश्न पिछले वर्ष की परीक्षा में पूछे गए सवालों से मिलते-जुलते थे। इसे लेकर भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए।
महाराष्ट्र में MPSC का ड्रग इंस्पेक्टर एग्जाम रद्द
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया। इस परीक्षा को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। मामले में कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितता के आरोप लगाए गए थे। इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर भी उठाया गया। छात्रों और विपक्ष की ओर से परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए गए।
जांच में परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद आयोग ने पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला लिया। सामने आई जानकारी के मुताबिक एक अभ्यर्थी तक परीक्षा का प्रश्नपत्र सेट पहुंचने और उससे लाभ उठाए जाने की बात भी जांच में सामने आई।
मध्य प्रदेश में 1040 पदों वाली भर्ती रद्द
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल यानी MPESB ने समूह-3 के तहत सब इंजीनियर, मानचित्रकार और अन्य समकक्ष पदों की संयुक्त भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया है। इस भर्ती के लिए 18 अगस्त से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन बाद में विभिन्न विभागों की ओर से अतिरिक्त रिक्तियों की जानकारी भेजी गई। विज्ञापन जारी होने के बाद इन पदों को मौजूदा भर्ती में शामिल करना संभव नहीं था।
इसी वजह से MPESB ने पूरी भर्ती प्रक्रिया और रूल बुक को निरस्त कर दिया। अब नए सिरे से आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस भर्ती के तहत करीब 1040 पदों पर नियुक्तियां होनी हैं।
AIAPGET 2026: सिर्फ एक परीक्षा केंद्र की परीक्षा रद्द
22 अगस्त को देशभर में AIAPGET 2026 का आयोजन किया गया। परीक्षा कई केंद्रों पर हुई, लेकिन राजस्थान के जयपुर स्थित एक परीक्षा केंद्र पर तकनीकी समस्या के कारण अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जयपुर के जवाहर नगर स्थित श्री सत्य साईं कॉलेज में परीक्षा के दौरान बिजली चली गई। अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि जनरेटर के जरिए परीक्षा जारी रखी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद केंद्र पर हंगामा हुआ और मामले की जानकारी NTA तक पहुंची। स्थिति को देखते हुए इस केंद्र पर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द कर दी गई। अब इन उम्मीदवारों के लिए आगे की प्रक्रिया NTA के निर्णय पर निर्भर करेगी।
बिहार में 70वीं BPSC को लेकर छात्रों का आंदोलन
इन सबके बीच बिहार में 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। अभ्यर्थी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मंगलवार को पटना में बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने की बात सामने आई। छात्रों की मुख्य मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया की जांच कराई जाए और अगर गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराया जाए।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर बढ़ रही चिंता
देशभर में सामने आ रहे इन मामलों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बहस तेज कर दी है। एक तरफ जहां कुछ परीक्षाएं कथित अनियमितताओं के कारण जांच के घेरे में हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक और तकनीकी वजहों से भी अभ्यर्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
सबसे बड़ी चिंता उन लाखों युवाओं की है जो सालों तक तैयारी करने के बाद भर्ती परीक्षा में शामिल होते हैं। परीक्षा रद्द होने या लंबे समय तक जांच चलने से उनकी तैयारी, उम्र सीमा और भविष्य की योजनाओं पर सीधा असर पड़ता है।
ऐसे में अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाए, पेपर लीक और गड़बड़ी के मामलों में तेजी से कार्रवाई हो और परीक्षा रद्द होने की स्थिति में जल्द से जल्द नई तारीख घोषित की जाए। फिलहाल झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आक्रोश सरकार और परीक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
