पापा, आई एम सॉरी, हम गेम...ऑनलाइन गेमिंग की लत से परेशान तीन सगी बहनों ने की आत्महत्या, मिला 8 पन्नों का सुसाइड नोट
Feb 4, 2026, 11:35 IST
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गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी में एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां तीन सगी बहनों ने एक साथ आत्महत्या कर ली। देर रात करीब दो बजे बी-1 टावर की नौवीं मंजिल से कूदकर 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी ने अपनी जान दे दी।
पुलिस के अनुसार, तीनों बहनें फ्लैट नंबर 907 में अपने परिवार के साथ रहती थीं और लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग की आदी थीं। परिजनों द्वारा मोबाइल और गेमिंग को लेकर रोक लगाए जाने के बाद तीनों ने यह खौफनाक कदम उठा लिया। परिजनों का कहना है कि पिछले करीब दो साल से तीनों बहनें स्कूल भी नहीं जा रही थीं और ज्यादातर समय मोबाइल गेम्स में ही बिताती थीं।
कमरे में खुद को बंद कर दिया जानलेवा कदम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना से पहले तीनों बहनों ने अपने कमरे को अंदर से बंद कर लिया था। इसके बाद स्टूल की मदद से बालकनी तक पहुंचीं और एक के बाद एक नीचे कूद गईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को लोनी के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
8 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद
मौके से पुलिस को एक पॉकेट डायरी मिली है, जिसमें आठ पन्नों का सुसाइड नोट लिखा हुआ है। नोट में तीनों बहनों ने अपने गेम और मोबाइल गतिविधियों का जिक्र किया है। लिखा गया है कि उन्हें गेम से बहुत प्यार है और वे इसे छोड़ नहीं सकतीं। सुसाइड नोट के अंत में “पापा आई एम सॉरी” लिखा हुआ मिला है।
पुलिस के मुताबिक, गेमिंग के दौरान बीच वाली बहन प्राची ‘बॉस’ की भूमिका निभाती थी। तीनों बहनें खाना खाने से लेकर रोजमर्रा के सभी काम एक साथ किया करती थीं।
पिता का दर्द और अपील
बच्चियों के पिता ने गहरे दुख के साथ बताया, “उन्होंने मुझसे कहा था—‘पापा, हम कोरियन नहीं छोड़ सकते। कोरियन हमारी जिंदगी है। अगर इससे अलग किया गया तो हम जान दे देंगे।’ सुसाइड नोट देखकर मैं टूट गया हूं। मैं सभी माता-पिता से अपील करता हूं कि बच्चों पर नजर रखें और उन्हें गेम्स की लत में इस हद तक न डूबने दें।”
पुलिस क्या कह रही है?
शालीमार गार्डन के एसएसपी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रात करीब 2:15 बजे घटना की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर तीनों बच्चियों की मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि मामले में सभी कानूनी पहलुओं से जांच की जा रही है।
वहीं ट्रांस हिंडन के डीसीपी निमिश पाटिल ने बताया कि शुरुआती जांच में बच्चियों के कोरियन कल्चर से प्रभावित होने की बात सामने आई है। फिलहाल किसी खास ऑनलाइन टास्क या गेम से जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही परिवार ने मोबाइल इस्तेमाल पर रोक लगाई थी और आत्महत्या की असली वजह जानने के लिए जांच जारी है।
सोसायटी का बयान
भारत सिटी सोसायटी की आरडब्ल्यूए के सदस्य राहुल ने कहा कि शुरुआती जानकारी में ऑनलाइन गेमिंग को ही इस घटना की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
यह घटना एक बार फिर बच्चों में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत और मानसिक स्वास्थ्य पर उसके खतरनाक असर को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पुलिस के अनुसार, तीनों बहनें फ्लैट नंबर 907 में अपने परिवार के साथ रहती थीं और लंबे समय से ऑनलाइन गेमिंग की आदी थीं। परिजनों द्वारा मोबाइल और गेमिंग को लेकर रोक लगाए जाने के बाद तीनों ने यह खौफनाक कदम उठा लिया। परिजनों का कहना है कि पिछले करीब दो साल से तीनों बहनें स्कूल भी नहीं जा रही थीं और ज्यादातर समय मोबाइल गेम्स में ही बिताती थीं।
कमरे में खुद को बंद कर दिया जानलेवा कदम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना से पहले तीनों बहनों ने अपने कमरे को अंदर से बंद कर लिया था। इसके बाद स्टूल की मदद से बालकनी तक पहुंचीं और एक के बाद एक नीचे कूद गईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को लोनी के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
8 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद
मौके से पुलिस को एक पॉकेट डायरी मिली है, जिसमें आठ पन्नों का सुसाइड नोट लिखा हुआ है। नोट में तीनों बहनों ने अपने गेम और मोबाइल गतिविधियों का जिक्र किया है। लिखा गया है कि उन्हें गेम से बहुत प्यार है और वे इसे छोड़ नहीं सकतीं। सुसाइड नोट के अंत में “पापा आई एम सॉरी” लिखा हुआ मिला है।
पुलिस के मुताबिक, गेमिंग के दौरान बीच वाली बहन प्राची ‘बॉस’ की भूमिका निभाती थी। तीनों बहनें खाना खाने से लेकर रोजमर्रा के सभी काम एक साथ किया करती थीं।
पिता का दर्द और अपील
बच्चियों के पिता ने गहरे दुख के साथ बताया, “उन्होंने मुझसे कहा था—‘पापा, हम कोरियन नहीं छोड़ सकते। कोरियन हमारी जिंदगी है। अगर इससे अलग किया गया तो हम जान दे देंगे।’ सुसाइड नोट देखकर मैं टूट गया हूं। मैं सभी माता-पिता से अपील करता हूं कि बच्चों पर नजर रखें और उन्हें गेम्स की लत में इस हद तक न डूबने दें।”
पुलिस क्या कह रही है?
शालीमार गार्डन के एसएसपी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रात करीब 2:15 बजे घटना की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर तीनों बच्चियों की मौत हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि मामले में सभी कानूनी पहलुओं से जांच की जा रही है।
वहीं ट्रांस हिंडन के डीसीपी निमिश पाटिल ने बताया कि शुरुआती जांच में बच्चियों के कोरियन कल्चर से प्रभावित होने की बात सामने आई है। फिलहाल किसी खास ऑनलाइन टास्क या गेम से जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही परिवार ने मोबाइल इस्तेमाल पर रोक लगाई थी और आत्महत्या की असली वजह जानने के लिए जांच जारी है।
सोसायटी का बयान
भारत सिटी सोसायटी की आरडब्ल्यूए के सदस्य राहुल ने कहा कि शुरुआती जानकारी में ऑनलाइन गेमिंग को ही इस घटना की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
यह घटना एक बार फिर बच्चों में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत और मानसिक स्वास्थ्य पर उसके खतरनाक असर को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
