दिल्ली के नए विरोध स्थल रामलीला मैदान में एक दिन का खर्च 1.21 लाख, सिर्फ तीन डेट्स एवलेबल
दिल्ली में जंतर-मंतर की जगह रामलीला मैदान समेत तीन नए प्रदर्शन स्थल तय किए गए हैं। लेकिन रामलीला मैदान में 2026 के लिए केवल 29, 30 और 31 दिसंबर की तारीखें खाली हैं। एक दिन की बुकिंग पर टैक्स समेत शुरुआती भुगतान ₹1.21 लाख है। जानिए पूरी व्यवस्था और चुनौतियां।
Ramlila Maidan Booking Charges: दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के लिए जंतर-मंतर की जगह रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को नए स्थल के रूप में निर्धारित किया गया है। लेकिन रामलीला मैदान को प्रदर्शन के लिए बुक करने की कोशिश कर रहे संगठनों के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं—मैदान की सीमित उपलब्धता और बुकिंग का खर्च।
अधिकारियों के मुताबिक, रामलीला मैदान में 2026 के दौरान अब सिर्फ 29, 30 और 31 दिसंबर की तारीखें ही बुकिंग के लिए उपलब्ध हैं। करीब 12 एकड़ में फैले इस मैदान में एक समय पर लगभग 50 हजार लोग जुट सकते हैं। हालांकि, पूरे मैदान को एक दिन के लिए बुक करने पर टैक्स समेत शुरुआती भुगतान ₹1.21 लाख तक पहुंच जाता है।
रामलीला मैदान की बुकिंग के लिए कितने रुपये देने होंगे?
रामलीला मैदान में आयोजन के लिए निर्धारित शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होता है। अधिकारियों के मुताबिक, एक दिन की बुकिंग का शुल्क ₹50,000 है। इसके अलावा ₹55,000 की रिफंडेबल सिक्योरिटी राशि जमा करनी होती है। टैक्स जोड़ने के बाद शुरुआती भुगतान करीब ₹1.21 लाख होता है। यानी आयोजकों को मैदान के इस्तेमाल से पहले ही बड़ी रकम की व्यवस्था करनी होगी।
बुकिंग की प्रक्रिया दिल्ली नगर निगम (MCD) के हॉर्टिकल्चर विभाग के माध्यम से होती है। मैदान के इस्तेमाल की अनुमति देने से पहले दिल्ली पुलिस से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेना भी जरूरी है।
क्या मुफ्त में प्रदर्शन करने की सुविधा भी है?
हां, अधिकारियों के मुताबिक मैदान के एक छोटे हिस्से में मुफ्त प्रदर्शन और सभाएं आयोजित की जा सकती हैं। लेकिन इस हिस्से की क्षमता करीब 150 लोगों की है। इसका मतलब है कि छोटे समूहों को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के साथ प्रदर्शन करने वाले संगठनों के लिए यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं होगी।
जंतर-मंतर पर पहले इस तरह की बुकिंग फीस नहीं देनी पड़ती थी। ऐसे में रामलीला मैदान का शुल्क उन संगठनों और नागरिक समूहों के लिए चुनौती बन सकता है, जो सीमित संसाधनों में प्रदर्शन आयोजित करना चाहते हैं।
जंतर-मंतर की जगह दिल्ली में कहां होंगे प्रदर्शन?
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की ओर से 11 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत जंतर-मंतर रोड को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया। इसके स्थान पर तीन जगहों को प्रदर्शन और सभाओं के लिए नामित किया गया है:
रामलीला मैदान: मध्य दिल्ली में स्थित प्रमुख सार्वजनिक आयोजन स्थल।
बुराड़ी ग्राउंड: उत्तर दिल्ली में स्थित मैदान।
CBD ग्राउंड: पूर्वी दिल्ली में निर्धारित प्रदर्शन स्थल।
पुलिस के मुताबिक, इन तीनों स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी की जाएगी। इसलिए आयोजन की अनुमति, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े विस्तृत नियमों के लिए आगे के निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।
आम आदमी पार्टी ने उठाए सवाल
रामलीला मैदान को नया प्रदर्शन स्थल बनाए जाने के बावजूद वहां तारीखें उपलब्ध नहीं होने के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाए हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि मैदान पहले से ही दो रामलीलाओं के आयोजनों के लिए इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में यहां प्रदर्शन कैसे आयोजित किए जा सकेंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, मैदान में पहले से विभिन्न कार्यक्रमों और उत्सवों की बुकिंग है। दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के आसपास भी यहां आयोजन होते हैं। इसी वजह से साल के बाकी हिस्से में बुकिंग के विकल्प सीमित रह गए हैं।
प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक भी बन सकता है चुनौती
रामलीला मैदान के आसपास का इलाका व्यावसायिक गतिविधियों के लिहाज से काफी व्यस्त है। यहां तीन अस्पताल और नगर निगम का मुख्यालय भी स्थित हैं। बड़े आयोजनों के दौरान आसपास की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
अधिकारियों के मुताबिक, बड़े कार्यक्रमों के समय आसफ अली रोड पर यातायात की दिशा बदलनी पड़ती है और देशबंधु गुप्ता रोड की ओर जाने वाले वाहनों को जवाहरलाल नेहरू मार्ग की तरफ डायवर्ट किया जाता है। पहले भी मैदान में आयोजित बड़ी रैलियों के दौरान आसपास के इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लग चुका है।
अब प्रदर्शन करने वाले संगठनों के सामने क्या विकल्प हैं?
जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद दिल्ली में संगठित विरोध-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगहों की व्यवस्था की गई है। लेकिन रामलीला मैदान की सीमित उपलब्धता और बुकिंग शुल्क के कारण संगठनों को पहले से योजना बनानी पड़ सकती है।
बुराड़ी और CBD ग्राउंड भी नए निर्धारित स्थलों में शामिल हैं। वहां प्रदर्शन की अनुमति और आयोजन की शर्तों को लेकर पुलिस की विस्तृत SOP अहम होगी।
फिलहाल रामलीला मैदान में इस साल केवल तीन तारीखें उपलब्ध होने और मुफ्त हिस्से की क्षमता करीब 150 लोगों तक सीमित रहने से बड़े प्रदर्शनों के आयोजन पर सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना होगा कि नए स्थलों पर अनुमति की प्रक्रिया और नियम लागू होने के बाद प्रदर्शन आयोजित करना कितना आसान होता है।
