डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 40 दिन की पैरोल, 15वीं बार जेल से आएगा बाहर
रोहतक। रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर राहत मिली है। प्रशासन ने उसे 40 दिन की पैरोल मंजूर कर दी है। पैरोल अवधि के दौरान वह हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा परिसर में ही रहेगा। जानकारी के मुताबिक, राम रहीम जल्द ही सुनारिया जेल से बाहर आएगा।
पैरोल का फैसला और पिछला रिकॉर्ड
यह पहली बार नहीं है जब राम रहीम को पैरोल मिली हो। इससे पहले भी उसे कई बार पैरोल और फरलो दी जा चुकी है। पिछली बार 15 सितंबर को उसे 40 दिन की पैरोल मिली थी। ताजा पैरोल के साथ यह 15वीं बार होगा जब राम रहीम जेल से बाहर आएगा। पूर्व की तरह इस बार भी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वह पैरोल के दौरान सिरसा डेरे में ही ठहरेगा।
किन मामलों में काट रहा है सजा
गुरमीत राम रहीम को सीबीआई अदालत ने दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई थी, यानी कुल 20 साल की कैद। इसके अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या और डेरा मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या के मामलों में भी उसे सजा हो चुकी है। फिलहाल वह इन सभी मामलों में सुनारिया जेल में बंद है।
पैरोल पर उठते सवाल
राम रहीम को बार-बार मिल रही पैरोल और फरलो को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। पत्रकार छत्रपति के बेटे अंशुल ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि राम रहीम कोई सामान्य कैदी नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराधी है। वहीं, हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट में दाखिल हलफनामे में उसे ‘हार्ड क्रिमिनल’ मानने से इनकार किया है। सरकार का तर्क है कि राम रहीम का जेल में आचरण अच्छा रहा है और जेल नियमों के तहत किसी कैदी को साल में अधिकतम 90 दिन तक की पैरोल दी जा सकती है।
एक बार फिर राम रहीम को मिली पैरोल ने सियासी और सामाजिक हलकों में बहस तेज कर दी है।
