TMC में टूट के बीच बोले दिलीप घोष का बड़ा बयान, कहा- 'गलती से भी कोई BJP में न आए जाए'...
Jun 4, 2026, 19:29 IST
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने टीएमसी नेताओं के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए हैं।
गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान दिलीप घोष ने कहा कि भाजपा में टीएमसी का कोई भी नेता शामिल नहीं हो सकेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी ने अपना दरवाजा इतनी मजबूती से बंद कर रखा है कि टीएमसी का कोई नेता गलती से भी भाजपा में नहीं आ पाएगा।
टीएमसी पर साधा निशाना
दिलीप घोष ने टीएमसी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पार्टी गलत नीतियों के आधार पर खड़ी हुई है और जितनी जल्दी इसका राजनीतिक प्रभाव खत्म होगा, उतना ही प्रदेश के लिए बेहतर होगा। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की कई समस्याओं की जड़ टीएमसी की राजनीति है।
उन्होंने कहा कि राज्य में विकास और सुशासन की राह में सबसे बड़ी बाधा तृणमूल कांग्रेस बनी हुई है। उनके मुताबिक, यदि प्रदेश में राजनीतिक बदलाव होता है तो कई समस्याओं का समाधान स्वतः संभव हो जाएगा।
'टीएमसी नाम भी नहीं सुनना चाहते लोग'
बीजेपी नेता ने अपने बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग अब टीएमसी के नाम से भी परेशान हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ दशक में राज्य को नुकसान पहुंचाने में इस पार्टी की बड़ी भूमिका रही है।
अभिषेक बनर्जी पर भी साधा निशाना
दिलीप घोष ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन को लेकर भी घेरा। उन्होंने कहा कि कानून की प्रक्रिया से बचने की कोशिशें लंबे समय तक सफल नहीं होतीं।
उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी कई नेताओं ने जांच एजेंसियों के समक्ष पेश होने से बचने के लिए स्वास्थ्य और अन्य कारणों का हवाला दिया था, लेकिन अंततः उन्हें जांच का सामना करना पड़ा।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। आगामी चुनावी समीकरणों और राजनीतिक गतिविधियों के बीच दोनों दलों के नेताओं के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर रहे हैं।
फिलहाल दिलीप घोष के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान दिलीप घोष ने कहा कि भाजपा में टीएमसी का कोई भी नेता शामिल नहीं हो सकेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी ने अपना दरवाजा इतनी मजबूती से बंद कर रखा है कि टीएमसी का कोई नेता गलती से भी भाजपा में नहीं आ पाएगा।
टीएमसी पर साधा निशाना
दिलीप घोष ने टीएमसी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पार्टी गलत नीतियों के आधार पर खड़ी हुई है और जितनी जल्दी इसका राजनीतिक प्रभाव खत्म होगा, उतना ही प्रदेश के लिए बेहतर होगा। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की कई समस्याओं की जड़ टीएमसी की राजनीति है।
उन्होंने कहा कि राज्य में विकास और सुशासन की राह में सबसे बड़ी बाधा तृणमूल कांग्रेस बनी हुई है। उनके मुताबिक, यदि प्रदेश में राजनीतिक बदलाव होता है तो कई समस्याओं का समाधान स्वतः संभव हो जाएगा।
'टीएमसी नाम भी नहीं सुनना चाहते लोग'
बीजेपी नेता ने अपने बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग अब टीएमसी के नाम से भी परेशान हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले डेढ़ दशक में राज्य को नुकसान पहुंचाने में इस पार्टी की बड़ी भूमिका रही है।
अभिषेक बनर्जी पर भी साधा निशाना
दिलीप घोष ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन को लेकर भी घेरा। उन्होंने कहा कि कानून की प्रक्रिया से बचने की कोशिशें लंबे समय तक सफल नहीं होतीं।
उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी कई नेताओं ने जांच एजेंसियों के समक्ष पेश होने से बचने के लिए स्वास्थ्य और अन्य कारणों का हवाला दिया था, लेकिन अंततः उन्हें जांच का सामना करना पड़ा।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। आगामी चुनावी समीकरणों और राजनीतिक गतिविधियों के बीच दोनों दलों के नेताओं के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर रहे हैं।
फिलहाल दिलीप घोष के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
