ई-श्रम कार्ड है तो इन सरकारी योजनाओं का मिल सकता है फायदा, जानें कौन कर सकता है रजिस्ट्रेशन
ई-श्रम पोर्टल पर 31.82 करोड़ से अधिक असंगठित क्षेत्र के कामगार पंजीकृत हैं। पोर्टल के जरिए श्रमिक कई सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। जानिए ई-श्रम पोर्टल से जुड़ी योजनाएं, कौन करा सकता है रजिस्ट्रेशन, जरूरी दस्तावेज और ऑनलाइन पंजीकरण का आसान तरीका।
e-Shram Registration: असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिकों के लिए ई-श्रम पोर्टल सरकारी योजनाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। रोजगार मंत्रालय ने 26 अगस्त 2021 को इस पोर्टल की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। 3 अगस्त 2026 तक पोर्टल पर 31.82 करोड़ से अधिक कामगार पंजीकृत हो चुके हैं।
एक प्लेटफॉर्म पर कई सरकारी योजनाओं की जानकारी
ई-श्रम पोर्टल के जरिए कामगारों को अलग-अलग सरकारी विभागों और मंत्रालयों से जुड़ी योजनाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलती है। सरकार ने 21 अक्टूबर 2024 को पोर्टल पर 'वन स्टॉप सॉल्यूशन' की शुरुआत की थी। इसके तहत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को ई-श्रम से जोड़ा गया है।
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद कामगार को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) दिया जाता है। इससे उसकी पहचान और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने की प्रक्रिया आसान होती है।
इन सरकारी योजनाओं का मिल सकता है लाभ
ई-श्रम पोर्टल से जुड़े कामगारों के लिए कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं को जोड़ा गया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं-
- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि)
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई)
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई)
- विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)
- प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी)
- प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू)
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई)
- आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई)
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान)
- वन नेशन वन राशन कार्ड (ओएनओआरसी)
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई)
- नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस)
- स्किल इंडिया डिजिटल हब
- प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (पीएम-एसवाईएम)
हालांकि, ई-श्रम पर पंजीकरण मात्र से हर योजना का लाभ स्वतः नहीं मिलता। संबंधित योजना की पात्रता और अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करना जरूरी होता है।
कौन करा सकता है ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन?
ई-श्रम पोर्टल मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के 16 से 59 वर्ष की आयु वाले कामगारों के लिए है। इसमें ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं जो किसी असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और जिनके पास रोजगार से जुड़ी औपचारिक सामाजिक सुरक्षा की सुविधा नहीं है।
निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, प्रवासी श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर, खेतिहर मजदूर और इसी तरह के अन्य असंगठित कामगार इसके दायरे में आ सकते हैं। पंजीकरण के लिए कामगार का ईपीएफओ या ईएसआईसी का सदस्य नहीं होना भी निर्धारित पात्रता शर्तों में शामिल है।
रजिस्ट्रेशन के लिए क्या चाहिए?
ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए सामान्य तौर पर कामगार के पास आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और बैंक खाता होना चाहिए। आधार आधारित सत्यापन पूरा होने के बाद पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
घर बैठे भी कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
ई-श्रम पोर्टल पर कामगार स्वयं भी पंजीकरण कर सकता है। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), राज्य सेवा केंद्र (SSK) और उमंग प्लेटफॉर्म के जरिए भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
ऑनलाइन आवेदन के दौरान कामगार की जानकारी और जरूरी विवरण दर्ज किए जाते हैं। आधार आधारित सत्यापन पूरा होने के बाद ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होती है और कामगार को उसका UAN प्राप्त होता है।
क्यों जरूरी है ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन?
देश में बड़ी संख्या में लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। ऐसे कामगारों तक सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना लंबे समय से चुनौती रहा है। ई-श्रम पोर्टल इसी अंतर को कम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
एक बार डेटाबेस में पंजीकरण होने के बाद कामगारों की पहचान और उन्हें संबंधित सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है। यही वजह है कि सरकार लगातार अधिक से अधिक असंगठित कामगारों को ई-श्रम पोर्टल से जोड़ने पर जोर दे रही है।
