Movie prime

असम में इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का शुभारंभ, PM मोदी के विमान ने रचा इतिहास; जानें पूरी जानकारी

 
असम में इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का शुभारंभ, PM मोदी के विमान ने रचा इतिहास; जानें पूरी जानकारी
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

डिब्रूगढ़। चीन सीमा के नजदीक देश की सामरिक शक्ति में एक और अहम अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ जिले के मोरन बाईपास पर निर्मित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से ऐतिहासिक लैंडिंग की। उनके उतरते ही यह हाईवे पट्टी औपचारिक रूप से वायुसेना के रणनीतिक नेटवर्क का हिस्सा बन गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक परिवहन विमान C-130J Super Hercules से ईएलएफ पर लैंडिंग की। इसके बाद भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान Sukhoi Su-30MKI ने मोरन बाईपास स्थित इस इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी से उड़ान भरी। प्रधानमंत्री और उपस्थित गणमान्य लोगों ने इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षात अवलोकन किया।

लैंडिंग के बाद प्रधानमंत्री ने फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट विमान और हेलीकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन (एयर शो) भी देखा। पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की यह पहली सुविधा है, जो युद्ध या आपात स्थिति में सैन्य और नागरिक विमानों के लिए वैकल्पिक रनवे के रूप में काम करेगी।

क्या है इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF)?

इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) हाईवे पर विकसित एक विशेष हवाई पट्टी होती है, जिसे युद्ध या आपातकालीन परिस्थितियों में वैकल्पिक रनवे के तौर पर उपयोग किया जाता है। यह सुविधा लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों की सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ सुनिश्चित करती है।
यह ईएलएफ 40 टन तक के फाइटर विमान और 74 टन तक के अधिकतम टेक-ऑफ भार वाले परिवहन विमानों को संभालने में सक्षम है।

देशभर में 28 ईएलएफ की योजना

केंद्र सरकार ने देश में कुल 28 इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी विकसित करने की योजना बनाई है। फिलहाल असम सहित देश में छह स्थानों पर यह सुविधा उपलब्ध है। असम की यह सुविधा चीन सीमा के निकट होने के कारण सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इन स्थानों पर पहले से मौजूद है ईएलएफ सुविधा

* राजस्थान: बाड़मेर (NH-925A)
* उत्तर प्रदेश: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
* उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
* ओडिशा: बालासोर (NH-16)
* आंध्र प्रदेश: नेल्लोर (NH-16)

डिब्रूगढ़ में ईएलएफ की स्थापना से पूर्वोत्तर क्षेत्र में रक्षा तैयारियों को नई मजबूती मिली है और यह आपात परिस्थितियों में त्वरित सैन्य प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।