पैलेट गन से घायल साहिल लोचब मामले में FIR दर्ज, राहुल गांधी बोले- न्याय की दिशा में पहला कदम
Varanasi : जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए छात्र साहिल लोचब के मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को आखिरकार FIR दर्ज कर ली। संसद मार्ग थाने में अज्ञात के खिलाफ BNS की धारा 118 और 125 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने FIR की कॉपी कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी सौंप दी।
राहुल गांधी घायल साहिल लोचब को साथ लेकर शुक्रवार को डीसीपी कार्यालय पहुंचे थे और मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। राहुल गांधी के मुताबिक करीब सात घंटे के धरने के बाद FIR दर्ज की गई।
राहुल गांधी बोले- यह न्याय की दिशा में पहला कदम
FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि यह न्याय की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि साहिल को गोली लगे करीब एक महीना हो चुका है, लेकिन उसके शरीर में अभी भी पैलेट के छर्रे मौजूद हैं।
राहुल गांधी ने दावा किया कि साहिल की आंख में तीन छर्रे हैं, जिसकी वजह से उसे दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ छर्रे उसके दिल के पास हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि वह सुबह करीब 11 से 11:30 बजे घायल युवक और उसके परिजनों के साथ थाने पहुंचे थे, लेकिन कई घंटे बाद FIR दर्ज की गई।
'न्याय पर ऊपर से लगाया गया ब्रेक'
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि FIR दर्ज करने में देरी के पीछे उच्च स्तर का दबाव था। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी कार्रवाई करना चाहते थे, लेकिन अंतिम मंजूरी ऊपर से आने के बाद ही FIR दर्ज की गई।
उन्होंने कहा कि उन्होंने यहां कोई गलत काम नहीं किया, बल्कि एक भारतीय नागरिक और उसके माता-पिता के लिए न्याय की मांग की। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि अगर दिल्ली के बीचों-बीच स्थित पुलिस थाने में FIR दर्ज कराने में इतना समय लग रहा है तो देश के छोटे शहरों और गांवों में आम लोगों की स्थिति क्या होगी।
बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
वहीं, बीजेपी ने राहुल गांधी के धरने को लेकर उन पर निशाना साधा है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि संसद मार्ग थाने के डीसीपी कार्यालय के बाहर धरना देकर राहुल गांधी 'ओछी और अराजक राजनीति' कर रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी का प्रदर्शन न तो छात्रों के लिए था और न ही न्याय के लिए, बल्कि यह कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस मुद्दे के जरिए राजनीतिक लाभ और मीडिया फुटेज हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
अब जांच से सामने आएगी सच्चाई
FIR दर्ज होने के बाद अब दिल्ली पुलिस मामले की जांच करेगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल किसने किया और साहिल लोचब को लगी चोट के लिए जिम्मेदार कौन है।
