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अयोध्या राम मंदिर पर ध्वजारोहण 25 नवंबर को, काशी के पं. गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ ने निकाला शुभ मुहूर्त

 
 अयोध्या राम मंदिर पर ध्वजारोहण 25 नवंबर को, काशी के पं. गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ ने निकाला शुभ मुहूर्त
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अयोध्या। रामलला के नवनिर्मित भव्य मंदिर में प्रथम ध्वजारोहण का भव्य आयोजन विवाह पंचमी (25 नवंबर) को होगा। काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पद्मश्री पंडित गणेश्वर शास्त्री द्राविड़ ने इसके लिए 30 मिनट का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त निकाला है। उल्लेखनीय है कि इन्हीं पंडित गणेश्वर शास्त्री ने 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का भी मुहूर्त दिया था।

इस बार ध्वजारोहण अनुष्ठान पांच दिन पहले यानी 20 नवंबर से शुरू हो जाएंगे। बुधवार (19 नवंबर) को काशी और दक्षिण भारत के वैदिक विद्वान अयोध्या पहुंच रहे हैं। अनुष्ठान की शुरुआत गणपति पूजन और चतुर्वेद पारायण से होगी। पहले दिन यज्ञकुंड में गणपति पूजन के साथ-साथ चतुर्वेद का सामूहिक पारायण होगा।

इसके बाद मंडल व अग्निदेव की स्थापना, नवग्रह पूजन, हवन और यज्ञ मंडप के चारों द्वारों का अलग-अलग सूक्तों व पारायण से पूजन होगा। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश-विदेश के कई विशिष्ट जन इस ऐतिहासिक ध्वजारोहण कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

विवाह पंचमी पर बन रहे तीन दुर्लभ शुभ योग

काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि विवाह पंचमी पर ध्रुव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और शिववास योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है।  
- ध्रुव योग स्थिरता और दृढ़ता का प्रतीक है, इसमें किए कार्य सदियों तक अटल रहते हैं।  
- सर्वार्थ सिद्धि योग सभी मनोकामनाओं को सिद्ध करने वाला माना जाता है।  
- शिववास योग से भगवान शिव का विशेष वास होता है।  

प्राण प्रतिष्ठा में नहीं आ सके लोगों को इस बार विशेष निमंत्रण

इस बार काशी प्रांत के उन रामभक्तों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जिन्हें प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में निमंत्रण नहीं मिल सका था। चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर, जौनपुर, मछलीशहर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रयागराज और कौशांबी जिलों के आदिवासी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न विशिष्ट समुदायों के लोग इसमें शामिल होंगे। सभी के ठहरने की व्यवस्था कारसेवकपुरम में की गई है।