पूर्व सेनाध्यक्ष नरवणे की अप्रकाशित किताब पर संसद में बवाल, राहुल गांधी ने कहा- मुझे बोलने दीजिए, सच्चाई सामने आएगी
नई दिल्ली I लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान आज भारी हंगामा मच गया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब (मेमोयर) 'Four Stars of Destiny' के अंशों का हवाला देते हुए डोकलाम विवाद पर दावा किया कि चीनी टैंक भारतीय सीमा की तरफ बढ़ रहे थे और 100 मीटर दूर थे।
राहुल गांधी ने भाषण की शुरुआत में कहा कि ध्यान से सुनें कि मैं क्या पढ़ रहा हूं, इससे पता चलेगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं।" उन्होंने पूर्व आर्मी चीफ के संस्मरणों के आधार पर दावा किया कि डोकलाम में चार चीनी टैंक भारतीय धरती पर आ रहे थे। इसी के साथ सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत आपत्ति जताई और कहा कि अप्रकाशित किताब का सदन में जिक्र नहीं किया जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और मांग की कि वह किताब सदन के सामने पेश करें, क्योंकि यह प्रकाशित नहीं हुई है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी अप्रकाशित किताब का हवाला सदन में नहीं दिया जा सकता।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने नियम 349 का हवाला देते हुए राहुल गांधी को आगाह किया कि सदन में अप्रकाशित पुस्तक, चित्र या अखबार के कटिंग का प्रदर्शन या उल्लेख नहीं किया जा सकता। स्पीकर ने कहा कि सदन नियमों और परंपराओं से चलना चाहिए। राहुल गांधी ने जवाब में कहा कि उनका स्रोत भरोसेमंद है और किताब सरकार द्वारा प्रकाशित नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वे एक कोट से डर रहे हैं और उन्हें बोलने नहीं दे रहे।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि सरकार किस बात से घबरा रही है? वे आतंकवाद से लड़ते हैं लेकिन एक कोट से डरते हैं।" इस दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने राहुल के समर्थन में कहा कि चीन से जुड़ा मामला संवेदनशील है और विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।
हंगामा लगभग 46 मिनट तक जारी रहा, जिसमें भाजपा सांसदों ने कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाए, जिसका राहुल ने करारा जवाब दिया। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार उनकी पार्टी और राष्ट्रवाद पर सवाल उठाती है, लेकिन सच्चाई छिपा रही है। अमित शाह ने जवाब दिया कि उनकी ओर से कभी कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल नहीं उठाया गया।
स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को नसीहत दी कि वे नियमों का पालन करें और चर्चा तय विषय पर ही हो। राहुल ने तंज कसते हुए कहा, "स्पीकर सर, आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या बोलना चाहिए।" जिस पर स्पीकर ने कहा, "मैं आपका सलाहकार नहीं हूं, लेकिन सदन को नियमों के अनुसार चलाना मेरी जिम्मेदारी है।"
इस तकरार के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। यह घटना बजट सत्र के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा और संसदीय नियमों पर बहस को लेकर राजनीतिक तनाव को दर्शाती है।
