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पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का 85 वर्ष की उम्र में निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

 
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बेंगलुरु। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का शनिवार को 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से अस्वस्थ थीं और बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में भर्ती थीं। अस्पताल के अनुसार, उन्हें सांस लेने में तकलीफ के बाद भर्ती कराया गया था और 15 जुलाई से वह आईसीयू में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में थीं। इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और उन्होंने अंतिम सांस ली।

अस्पताल में जुटे नेता और समर्थक

चेन्नम्मा के निधन की खबर फैलते ही अस्पताल में नेताओं, रिश्तेदारों और जनता दल (सेक्युलर) के कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया। स्थिति को देखते हुए अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।

पीएम मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नम्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चेन्नम्मा अपनी सादगी, विनम्रता और समाज सेवा के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद की जाएंगी। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस दुख की घड़ी में उनकी संवेदनाएं एचडी देवेगौड़ा और पूरे परिवार के साथ हैं।

1954 में हुई थी देवेगौड़ा से शादी

चेन्नम्मा का जन्म कर्नाटक के हासन जिले के हीरेहल्ली गांव में हुआ था। उनका विवाह 25 मई 1954 को एचडी देवेगौड़ा से हुआ था। इस दंपति के चार पुत्र और दो पुत्रियां हैं, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, एचडी रेवन्ना, एचडी बालकृष्ण, एचडी रमेश गौड़ा, शैलजा और अनुसूया शामिल हैं।

देवेगौड़ा के राजनीतिक सफर की मजबूत साथी रहीं

चेन्नम्मा ने हमेशा परिवार की जिम्मेदारियां संभालकर एचडी देवेगौड़ा के राजनीतिक जीवन को मजबूत आधार दिया। उन्होंने छह बच्चों के पालन-पोषण और उनकी शिक्षा की जिम्मेदारी निभाई, जिससे देवेगौड़ा पूरी तरह सार्वजनिक जीवन और राजनीति पर ध्यान केंद्रित कर सके। परिवार और समाज में उन्हें एक सादगीपूर्ण और समर्पित व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता था।

2001 में हुआ था एसिड अटैक

फरवरी 2001 में हरदनहल्ली स्थित एक मंदिर से लौटते समय चेन्नम्मा पर अज्ञात हमलावरों ने तेजाब फेंका था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। हालांकि इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो गईं। उस घटना के बाद भी उन्होंने परिवार और सामाजिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई।

चेन्नम्मा के निधन से कर्नाटक की राजनीति और देवेगौड़ा परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। देशभर के राजनीतिक नेताओं और विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।