यूपी के पूर्व डिप्टी CM दिनेश शर्मा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बनाए गए अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. दिनेश शर्मा के राजनीतिक सफर में शनिवार को एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई। राष्ट्रपति ने उन्हें अंडमान-निकोबार का उपराज्यपाल नियुक्त किया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व का आभार जताया।
लखनऊ के पूर्व महापौर और पेशे से शिक्षक रहे डॉ. दिनेश शर्मा करीब 32 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं। इस दौरान उन्होंने भाजपा संगठन और सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वर्तमान में वह राज्यसभा सदस्य हैं और उनका कार्यकाल नवंबर में पूरा होने वाला है। इससे पहले ही उन्हें अंडमान-निकोबार का उपराज्यपाल नियुक्त कर दिया गया।
नियुक्ति की खबर सामने आने के बाद लखनऊ स्थित उनके आवास पर समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। देर रात तक उन्हें बधाई देने वालों के फोन आते रहे।
नई जिम्मेदारी पर क्या बोले डॉ. दिनेश शर्मा?
उपराज्यपाल की जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार और पार्टी नेतृत्व ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जिसे वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि अंडमान-निकोबार देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है और पर्यटन की दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है।
उन्होंने कहा कि अंडमान-निकोबार में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में वहां काम करते समय विकास के साथ-साथ विशेष सजगता और संवेदनशीलता की जरूरत होगी।
डॉ. शर्मा के मुताबिक, अंडमान-निकोबार केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन है। ऐसे में केंद्र सरकार के निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू कराने के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना उनकी प्राथमिकता होगी। उनका प्रयास रहेगा कि स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और पर्यटन, बुनियादी ढांचे तथा जनसुविधाओं के क्षेत्र में विकास को गति दी जाए।
उन्होंने कहा कि वहां विकास की काफी संभावनाएं हैं और नई जिम्मेदारी को वह पूरी गंभीरता के साथ निभाएंगे। जनता के हित में काम करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
योगी सरकार के पहले कार्यकाल में रहे उपमुख्यमंत्री
डॉ. दिनेश शर्मा का भाजपा से जुड़ाव काफी पुराना है। वह वर्ष 1992 से 1998 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसी दौरान उनकी मुलाकात नरेंद्र मोदी से हुई और दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक तालमेल आगे भी बना रहा।
वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद डॉ. दिनेश शर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। उन्होंने करीब पांच साल तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उनके संबंध भी काफी मधुर रहे।
उपमुख्यमंत्री बनने से पहले डॉ. शर्मा लंबे समय तक लखनऊ के महापौर रहे। वर्ष 2006 से 2017 तक उन्होंने नगर की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद वर्ष 2023 में वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए।
भाजपा संगठन में भी संभालीं कई अहम जिम्मेदारियां
डॉ. दिनेश शर्मा भाजपा संगठन में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। वर्ष 2014 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया। इसी दौरान उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय सदस्यता अभियान का संयोजक भी बनाया गया।
वह गुजरात भाजपा के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। इसके अलावा वह राष्ट्रीय युवा आयोग के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष समेत कई अन्य जिम्मेदारियां भी निभा चुके हैं।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें महाराष्ट्र में भाजपा का चुनाव प्रभारी बनाया गया था। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री रहते हुए वह विधान परिषद में नेता सदन की भूमिका भी निभा चुके हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव प्रबंधन में भी निभाई भूमिका
डॉ. दिनेश शर्मा का पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी पुराना संबंध रहा है। वह लखनऊ लोकसभा सीट से अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव प्रबंधन से जुड़े रहे थे।
डॉ. शर्मा के मुताबिक, उन्हें लखनऊ के महापौर का चुनाव लड़ने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी ने ही निर्देश दिया था। हाल के दिनों में उनके अगले लोकसभा चुनाव में कानपुर से मैदान में उतरने की चर्चाएं भी चल रही थीं, हालांकि उन्होंने इस संबंध में कभी कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया। अब उपराज्यपाल नियुक्त होने के बाद इन राजनीतिक अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।
आरएसएस से विरासत में मिला जुड़ाव
डॉ. दिनेश शर्मा का जन्म 12 जनवरी 1964 को लखनऊ में हुआ था। उनका परिवार लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ से जुड़ा रहा है। उनके पिता केदार नाथ शर्मा भी आरएसएस और जनसंघ से जुड़े कार्यकर्ता थे।
डॉ. शर्मा ने लखनऊ विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और बाद में इसी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। शिक्षण के दौरान उन्होंने कई विद्यार्थियों को शोध कराया और छह पुस्तकों का लेखन भी किया।
मेयर से लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, राज्यसभा सदस्य और भाजपा संगठन के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचने के बाद अब डॉ. दिनेश शर्मा के राजनीतिक सफर में अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल की जिम्मेदारी एक नया अध्याय जोड़ रही है। वह जल्द ही अंडमान-निकोबार पहुंचकर अपना कार्यभार संभाल सकते हैं।
