ओमान एयर में ट्रेनिंग से फ्लाईदुबई तक... कौन है स्मित मच्छार पर हमला करने वाला अल हमामी? पुराना रिकॉर्ड जांच के घेरे में
फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित हमले के बाद अब जांच का दायरा आरोपी सह-पायलट हमाम अल-हमामी के पुराने करियर और पृष्ठभूमि तक पहुंच गया है। अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में उसके पूर्व रोजगार, कथित कट्टरपंथी सामग्री देखने और पिछली एयरलाइन में उसकी भूमिका बदले जाने को लेकर जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन दावों के सभी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ओमान एयर में पायलट ट्रेनिंग से हुई शुरुआत
सीबीएस न्यूज के मुताबिक, अल-हमामी ने अपने विमानन करियर की शुरुआत ओमान एयर में पायलट प्रशिक्षण से की थी। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ओमानी अधिकारियों की निगरानी के दौरान उसके कथित तौर पर कुछ कट्टरपंथी वेबसाइट देखने की जानकारी सामने आई थी।
इसके बाद उसे सक्रिय उड़ान ड्यूटी से हटाकर कार्यालय से जुड़ी जिम्मेदारी दिए जाने का दावा किया गया है। सीबीएस की रिपोर्ट के अनुसार, बाद में उसने ओमान एयर छोड़ दी और करीब 2024 में इस्तीफा देने की बात सामने आई है।
पुराने रिकॉर्ड को लेकर अलग-अलग दावे
अल-हमामी के रोजगार की समयसीमा को लेकर भी अलग-अलग जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों में ओमान एयर छोड़ने की तारीख को लेकर अंतर बताया गया है। वहीं, उसके नाम से जुड़े लिंक्डइन प्रोफाइल में नौकरी की अवधि अलग दिखाई देने की बात कही गई है।
जांच एजेंसियां अब उसके रोजगार रिकॉर्ड और अलग-अलग एयरलाइनों में नियुक्ति के दौरान हुई पृष्ठभूमि जांच की प्रक्रिया को भी देख रही हैं।
सीरिया कनेक्शन और कथित कट्टर विचारों की जांच
सीएनएन की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि अल-हमामी को ओमान एयर में उड़ान से हटाए जाने के पीछे कथित कट्टर विचारों को लेकर चिंता थी। रिपोर्ट में उसके पारिवारिक और भौगोलिक पृष्ठभूमि से जुड़े दावे भी किए गए हैं।
हालांकि, इन दावों को लेकर संबंधित सरकारी अधिकारियों की ओर से सार्वजनिक रूप से सभी विवरणों की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले इन जानकारियों को अंतिम निष्कर्ष के तौर पर देखना उचित नहीं होगा।
रॉयल एयर मारोक में भी काम करने का दावा
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ओमान एयर के बाद अल-हमामी ने मोरक्को की राष्ट्रीय एयरलाइन रॉयल एयर मारोक में भी काम किया था। उसके कथित लिंक्डइन प्रोफाइल में जून 2025 से जनवरी 2026 तक वहां नौकरी का उल्लेख होने की बात कही गई है।
इसके बाद वह फ्लाईदुबई से जुड़ा। एक स्रोत ने सीएनएन को बताया कि घटना से पहले वह करीब आठ महीने से फ्लाईदुबई के साथ काम कर रहा था।
फ्लाईदुबई में भर्ती को लेकर सबसे बड़ा सवाल
अब जांच में यह अहम सवाल भी शामिल है कि अल-हमामी की फ्लाईदुबई में नियुक्ति के दौरान उसकी पिछली नौकरी और कथित सुरक्षा संबंधी चिंताओं की कितनी जानकारी साझा की गई थी।
सीबीएस न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि दुबई जाने के बाद फ्लाईदुबई ने उसे नियुक्त किया और नियुक्ति से पहले ओमानी अधिकारियों के साथ औपचारिक पृष्ठभूमि सत्यापन नहीं किया गया था। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
सोशल मीडिया पोस्ट भी जांच के दायरे में
जांचकर्ताओं की नजर अल-हमामी से जुड़े सोशल मीडिया और लिंक्डइन अकाउंट पर भी है। सीएनएन के मुताबिक, घटना के कुछ घंटे बाद उसके कथित लिंक्डइन अकाउंट पर कुछ पोस्ट दिखाई दिए।
एक पोस्ट में बोइंग 737 मैक्स के कॉकपिट से जुड़ा वीडियो था। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में इजराइली एयरलाइन एल अल के विमान से जुड़ा दृश्य और बाद में अल-कायदा के पूर्व नेता अयमान अल-जवाहिरी की तस्वीर दिखाई दी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये पोस्ट खुद अल-हमामी ने किए थे या पहले से शेड्यूल किए गए थे।
हमले के बाद पुराने रिकॉर्ड क्यों महत्वपूर्ण हो गए?
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट पर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने का आरोप है। घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे आया और यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों ने आरोपी को काबू करने में मदद की। कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिसके बाद अन्य लोग अंदर पहुंच सके।
सीएनएन के मुताबिक, विमान करीब 17,000 फीट नीचे गिरा था। इसके बाद यात्रियों और अन्य पायलटों की मदद से विमान को नियंत्रित किया गया। बाद में विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़कर सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई।06:11 PM
