वूमन रिजर्वेशन से लेकर दलबदल पर कानून तक...वायरल हो रहा Cockroach Janta Party का मेनिफेस्टो
May 21, 2026, 20:45 IST
WhatsApp Channel
Join Now
Facebook Profile
Join Now
Instagram Profile
Join Now
हाल ही में Supreme Court of India में एक सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की कथित टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर नया ट्रेंड तेजी से वायरल हो गया। बेरोजगार युवाओं, पत्रकारों और एक्टिविस्ट को लेकर दिए गए बयान के बाद इंटरनेट पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से मीम्स, पोस्ट और राजनीतिक बहसों की बाढ़ आ गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे पोस्ट में “कॉकरोच जनता पार्टी” का पांच सूत्रीय एजेंडा भी शेयर किया जा रहा है। इस एजेंडे को लेकर यूजर्स के बीच जमकर चर्चा हो रही है। कोई इसे डिजिटल दौर की नई राजनीतिक सोच बता रहा है, तो कोई इसे सिर्फ कुछ दिनों का इंटरनेट ट्रेंड मान रहा है।
वायरल एजेंडे में क्या-क्या शामिल?
वायरल पोस्ट के अनुसार “कॉकरोच जनता पार्टी” ने पांच प्रमुख मुद्दों को अपने एजेंडे में शामिल किया है।
पहले बिंदु में कहा गया है कि किसी भी चीफ जस्टिस को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा सीट या सरकारी पद नहीं दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिल रही है।
दूसरे बिंदु में चुनाव आयोग से जुड़ा मुद्दा उठाया गया है। पोस्ट में कहा गया कि यदि किसी नागरिक का वैध वोट हटाया जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसे “माय वोट, माय राइट” नाम दिया गया है।
तीसरे एजेंडे में संसद, विधानसभा और कैबिनेट में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की गई है। इस प्रस्ताव को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने मेरिट आधारित व्यवस्था की वकालत की।
चौथे पॉइंट में बड़े मीडिया संस्थानों और कथित “गोदी मीडिया” को लेकर टिप्पणी की गई है। पोस्ट में मीडिया को पूरी तरह स्वतंत्र बनाए जाने की बात कही गई है।
वहीं पांचवें एजेंडे में दल-बदल करने वाले नेताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पोस्ट के मुताबिक जो विधायक या सांसद पार्टी बदलते हैं, उन्हें 20 साल तक चुनाव लड़ने और किसी सार्वजनिक पद पर रहने से रोका जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए अलग-अलग रिएक्शन
वायरल पोस्ट पर यूजर्स लगातार अपनी राय दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “यह सिस्टम बदलने की शुरुआत हो सकती है।” वहीं दूसरे यूजर ने इसे “सिर्फ दो दिन का ट्रेंड” बताया।
कुछ यूजर्स ने धर्म और जाति की राजनीति खत्म कर सिर्फ विकास की राजनीति करने की बात कही। एक यूजर ने लिखा, “नो रिलिजन प्रोपेगेंडा, सिर्फ डेवलपमेंट की बात होनी चाहिए।”
कई लोगों ने वायरल एजेंडे में अपने सुझाव भी जोड़ दिए। किसी ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग की, तो किसी ने सभी परीक्षाओं में समान कट-ऑफ लागू करने की बात कही। कुछ यूजर्स ने नेताओं के लिए ग्रेजुएशन अनिवार्य करने का सुझाव दिया।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि “कॉकरोच जनता पार्टी” किसी वास्तविक संगठन का हिस्सा है या फिर यह केवल सोशल मीडिया पर बना एक व्यंग्यात्मक और मीम आधारित ट्रेंड है, लेकिन इतना जरूर है कि इसने इंटरनेट पर राजनीतिक और सामाजिक बहस को नई दिशा दे दी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे पोस्ट में “कॉकरोच जनता पार्टी” का पांच सूत्रीय एजेंडा भी शेयर किया जा रहा है। इस एजेंडे को लेकर यूजर्स के बीच जमकर चर्चा हो रही है। कोई इसे डिजिटल दौर की नई राजनीतिक सोच बता रहा है, तो कोई इसे सिर्फ कुछ दिनों का इंटरनेट ट्रेंड मान रहा है।
वायरल एजेंडे में क्या-क्या शामिल?
वायरल पोस्ट के अनुसार “कॉकरोच जनता पार्टी” ने पांच प्रमुख मुद्दों को अपने एजेंडे में शामिल किया है।
पहले बिंदु में कहा गया है कि किसी भी चीफ जस्टिस को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा सीट या सरकारी पद नहीं दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिल रही है।
दूसरे बिंदु में चुनाव आयोग से जुड़ा मुद्दा उठाया गया है। पोस्ट में कहा गया कि यदि किसी नागरिक का वैध वोट हटाया जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसे “माय वोट, माय राइट” नाम दिया गया है।
तीसरे एजेंडे में संसद, विधानसभा और कैबिनेट में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की गई है। इस प्रस्ताव को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने मेरिट आधारित व्यवस्था की वकालत की।
चौथे पॉइंट में बड़े मीडिया संस्थानों और कथित “गोदी मीडिया” को लेकर टिप्पणी की गई है। पोस्ट में मीडिया को पूरी तरह स्वतंत्र बनाए जाने की बात कही गई है।
वहीं पांचवें एजेंडे में दल-बदल करने वाले नेताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पोस्ट के मुताबिक जो विधायक या सांसद पार्टी बदलते हैं, उन्हें 20 साल तक चुनाव लड़ने और किसी सार्वजनिक पद पर रहने से रोका जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए अलग-अलग रिएक्शन
वायरल पोस्ट पर यूजर्स लगातार अपनी राय दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “यह सिस्टम बदलने की शुरुआत हो सकती है।” वहीं दूसरे यूजर ने इसे “सिर्फ दो दिन का ट्रेंड” बताया।
कुछ यूजर्स ने धर्म और जाति की राजनीति खत्म कर सिर्फ विकास की राजनीति करने की बात कही। एक यूजर ने लिखा, “नो रिलिजन प्रोपेगेंडा, सिर्फ डेवलपमेंट की बात होनी चाहिए।”
कई लोगों ने वायरल एजेंडे में अपने सुझाव भी जोड़ दिए। किसी ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग की, तो किसी ने सभी परीक्षाओं में समान कट-ऑफ लागू करने की बात कही। कुछ यूजर्स ने नेताओं के लिए ग्रेजुएशन अनिवार्य करने का सुझाव दिया।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि “कॉकरोच जनता पार्टी” किसी वास्तविक संगठन का हिस्सा है या फिर यह केवल सोशल मीडिया पर बना एक व्यंग्यात्मक और मीम आधारित ट्रेंड है, लेकिन इतना जरूर है कि इसने इंटरनेट पर राजनीतिक और सामाजिक बहस को नई दिशा दे दी है।
