Movie prime

वाराणसी-लखनऊ-पटना के लिए खुशखबरी, बुलेट ट्रेन से जुड़ेंगे दिल्ली और सिलीगुड़ी, रेल मंत्री का बड़ा ऐलान

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा की है। यह हाई-स्पीड ट्रेन लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए सिलीगुड़ी पहुंचेगी। 1500 किमी लंबी यात्रा सिर्फ 6 घंटे में पूरी होगी। साथ ही कोलकाता मेट्रो और फ्रेट कॉरिडोर को लेकर भी बड़े ऐलान किए गए।

 
बुलेट ट्रेन
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

Delhi-Siliguri Bullet Train: देश के बुलेट ट्रेन नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली से सिलीगुड़ी तक बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत देश की राजधानी दिल्ली को उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों से जोड़ते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विकसित किया जाएगा।

रेल मंत्री ने शनिवार को कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल को बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ने का संकल्प लिया है। इसी के तहत दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।

लखनऊ, वाराणसी और पटना से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन रूट दिल्ली से शुरू होकर लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक पहुंचेगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तर भारत और पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा। खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार के करोड़ों यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

1500 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 6 घंटे में

रेल मंत्री ने कहा कि वर्तमान में दिल्ली से सिलीगुड़ी की दूरी लगभग 1500 किलोमीटर है, जिसे तय करने में लंबा समय लगता है। लेकिन बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद यही सफर मात्र 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

हालांकि उन्होंने परियोजना की समयसीमा, अनुमानित लागत, निर्माण प्रारंभ होने की तिथि और संभावित स्टेशनों को लेकर अभी कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। फिर भी माना जा रहा है कि केंद्र सरकार जल्द ही इस परियोजना को लेकर विस्तृत कार्ययोजना और सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

कोलकाता मेट्रो को मिलेगा आधुनिक स्वरूप

दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन परियोजना की घोषणा के साथ ही रेल मंत्री ने कोलकाता मेट्रो के आधुनिकीकरण को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले 4 से 5 वर्षों में कोलकाता मेट्रो नेटवर्क को और आधुनिक बनाने के लिए नई पीढ़ी के 60 मेट्रो रेक शामिल किए जाएंगे। रेल मंत्री ने कहा कि कोलकाता मेट्रो का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जहां पिछले 40 वर्षों में केवल 27 किलोमीटर मेट्रो लाइनें जोड़ी गई थीं, वहीं पिछले 11 वर्षों में 45 किलोमीटर नई लाइनें विकसित की गई हैं।

पश्चिम बंगाल को मिला रिकॉर्ड रेलवे बजट

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के लिए इस बार ₹14,205 करोड़ का रिकॉर्ड रेलवे बजट आवंटित किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट यात्री सुविधाओं के विस्तार, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

रेल मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए शासनकाल में, जब ममता बनर्जी रेल मंत्री थीं, उस समय पश्चिम बंगाल को रेलवे विकास के लिए लगभग ₹4,000 करोड़ ही प्राप्त होते थे। वर्तमान सरकार ने इस राशि को कई गुना बढ़ाकर राज्य के विकास को गति दी है।

डानकुनी से सूरत तक बनेगा ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर

रेल मंत्री ने अपने संबोधन में प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के डानकुनी से गुजरात के सूरत तक लगभग 2052 किलोमीटर लंबा समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर देश के पूर्वी और पश्चिमी औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ते हुए व्यापार, उद्योग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई मजबूती प्रदान करेगा। इसके माध्यम से माल परिवहन की लागत कम होगी और उद्योगों को तेज परिवहन सुविधा मिलेगी।

पूर्वी भारत के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है परियोजना

दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन परियोजना को पूर्वी भारत के लिए एक गेम चेंजर माना जा रहा है। यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी जैसे शहर देश के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएंगे।