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Telegram को सरकार ने भेजा नोटिस, कहा- पायरटेड कंटेंट रोके नहीं तो लिया जाएगा एक्शन

 
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केंद्र सरकार ने लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप Telegram को पायरेटेड फिल्मों, OTT कंटेंट और अन्य ऑडियो-विजुअल सामग्री के प्रसार को लेकर नोटिस जारी किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने प्लेटफॉर्म से कहा है कि वह अपने माध्यम से कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाले कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए और 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सौंपे।

पायरेसी रोकने की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता प्लेटफॉर्म

सरकारी सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि कॉपीराइट का उल्लंघन केवल एक सिविल मामला नहीं, बल्कि कॉपीराइट अधिनियम, 1957 और सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के तहत दंडनीय अपराध भी है।

सरकार ने कहा कि Telegram केवल सरकार द्वारा एक-एक चैनल की पहचान कराए जाने का इंतजार नहीं कर सकता। प्लेटफॉर्म को स्वयं सक्रिय होकर ऐसे चैनलों और सामग्री पर निगरानी रखनी होगी। केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करना आईटी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम, 2021 के तहत अपेक्षित 'ड्यू डिलिजेंस' (उचित सावधानी) के लिए पर्याप्त नहीं माना जाएगा।

नियमों का पालन नहीं हुआ तो हो सकती है कार्रवाई

मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि प्लेटफॉर्म पर पायरेटेड सामग्री लगातार उपलब्ध रहती है, नियमों का पालन नहीं किया जाता या अधूरा जवाब दिया जाता है, तो मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत आगे जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार का कहना है कि यह कदम भारत की क्रिएटर इकॉनमी, फिल्म उद्योग, ब्रॉडकास्टर्स, OTT प्लेटफॉर्म्स, प्रोड्यूसर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है।

शिकायत निवारण प्रणाली की भी मांगी जानकारी

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने Telegram से उसके ग्रिवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म (शिकायत निवारण प्रणाली) की भी जानकारी मांगी है। मंत्रालय यह जानना चाहता है कि कंटेंट निर्माताओं, OTT प्लेटफॉर्म्स और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की शिकायतों का निपटारा किस तरह किया जाता है।

साथ ही Telegram को यह भी याद दिलाया गया है कि एक इंटरमीडियरी के रूप में उसे आईटी कानूनों के तहत निर्धारित सभी जिम्मेदारियों और ड्यू डिलिजेंस का पालन करना अनिवार्य है।

Meta और Signal को भी भेजे जा चुके हैं नोटिस

हाल के दिनों में केंद्र सरकार ने Meta को भी नोटिस जारी कर WhatsApp के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था। इसके अलावा Instagram पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कथित विज्ञापनों के मामले में भी कंपनी को तलब करने का फैसला किया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Telegram के साथ-साथ Signal को भी उनके मौजूदा यूजरनेम फीचर को लेकर नोटिस भेजा है।