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ग्रेड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली जल्द लागू होगी, बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन/रद्दीकरण संभव: नितिन गडकरी

 
ग्रेड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली जल्द लागू होगी, बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन/रद्दीकरण संभव: नितिन गडकरी
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नई दिल्ली। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ‘ग्रेड आधारित’ ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली लागू करने की तैयारी में है। इस नई व्यवस्था के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालकों के लाइसेंस से अंक काटे जाएंगे। गंभीर या बार-बार नियम तोड़ने की स्थिति में लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किया जा सकेगा या रद्द भी किया जा सकता है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी राष्ट्रीय राजधानी में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि देश में हर साल लगभग पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें करीब 1.8 लाख लोगों की जान चली जाती है।

गडकरी ने बताया कि दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाना, तेज रफ्तार, गलत दिशा में ड्राइविंग और नशे में वाहन चलाना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना बढ़ा चुकी है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।

ऐसे काम करेगी ग्रेडेड अंक प्रणाली

मंत्री ने स्पष्ट किया कि नई प्रणाली में प्रत्येक ड्राइविंग लाइसेंस को निर्धारित अंक दिए जाएंगे। यातायात नियम तोड़ने पर संबंधित चालक के अंक काटे जाएंगे। यदि सभी अंक समाप्त हो जाते हैं, तो लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। दोबारा गंभीर उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। यह योजना जल्द लागू की जाएगी।

युवा सबसे ज्यादा शिकार

गडकरी के अनुसार, सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में 72 प्रतिशत लोग 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के हैं। 18 वर्ष से कम आयु के 10,119 बच्चों की भी दुर्घटनाओं में मौत हुई।

  • हेलमेट न पहनने से 54,122 लोगों की मौत

  • सीट बेल्ट का उपयोग न करने से 14,466 लोगों की जान गई

  • तेज रफ्तार के कारण लगभग 1.2 लाख लोगों की मृत्यु

इसके अलावा गलत दिशा में वाहन चलाना, नशे की हालत में ड्राइविंग और मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी दुर्घटनाओं के बड़े कारण हैं।

दुर्घटना पीड़ितों की मदद की अपील

केंद्रीय मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने में आगे आएं और कानूनी प्रक्रिया या खर्च की चिंता न करें। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को दुर्घटना की तारीख से सात दिनों तक प्रति व्यक्ति 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

उन्होंने कहा कि लोगों का जीवन अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार ठोस कदम उठा रही है।