बजट 2026 से पहले हुई हलवा सेरेमनी, जानें हर साल क्यों होती है ये परंपरा?
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने में अब महज कुछ दिन शेष हैं। इस महत्वपूर्ण मौके से पहले आज मंगलवार को वित्त मंत्रालय में पारंपरिक 'हलवा सेरेमनी' का आयोजन किया गया, जिसके साथ ही बजट निर्माण की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस में कड़ाही में हलवा बनाकर इस रस्म को निभाया। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। वित्त मंत्री ने बजट प्रेस का दौरा किया, तैयारियों का जायजा लिया और पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।
'हलवा सेरेमनी' और 'लॉक-इन' का महत्व
यह परंपरा बजट प्रक्रिया में गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए अहम है। हलवा सेरेमनी के बाद बजट दस्तावेज तैयार करने वाले अधिकारी 'लॉक-इन' पीरियड में चले जाते हैं। इसका मतलब है कि बजट संसद में पेश होने तक ये अधिकारी बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग-थलग रहेंगे, ताकि किसी भी तरह की सूचना लीक न हो सके। इस दौरान करीब 60-70 अधिकारी और कर्मचारी नॉर्थ ब्लॉक में ही रहकर अंतिम छपाई और तैयारियों पर काम करते हैं।
डिजिटल और पेपरलेस बजट पर जोर
सरकार ने इस बार भी बजट को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने पर जोर दिया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार:
- यूनियन बजट मोबाइल ऐप के जरिए सांसद और आम जनता बजट दस्तावेज आसानी से देख सकेंगे।
- 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री के बजट भाषण समाप्त होते ही सभी दस्तावेज ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध हो जाएंगे।
- ऐप में वार्षिक वित्तीय विवरण, अनुदान की मांगें और वित्त विधेयक सहित पूरी जानकारी मिलेगी।
1 फरवरी को संसद में पेश होगा बजट
केंद्रीय बजट 2026-27 रविवार, 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया जाएगा। यह निर्मला सीतारमण का नौवां बजट होगा। देश की नजरें इस पर टिकी हैं कि सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए आर्थिक विकास, टैक्स राहत, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य क्षेत्रों में क्या बड़े ऐलान करती है। बजट भाषण सुबह 11 बजे शुरू होगा और इसे संसद टीवी, डीडी न्यूज तथा विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव देखा जा सकेगा।
