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मिडिल ईस्ट टेंशन पर हाई अलर्ट! मुख्यमंत्रियों के साथ PM मोदी की बड़ी बैठक

 
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New Delhi : पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (27 मार्च 2026) शाम 6:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के संभावित प्रभावों को देखते हुए राज्यों की तैयारियों और आगे की रणनीति की समीक्षा करना है।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

सूत्रों के अनुसार, बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, सप्लाई चेन, ऊर्जा जरूरतों और विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। साथ ही केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने पर भी जोर रहेगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

जिन राज्यों में फिलहाल चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, वहां के मुख्यमंत्री आचार संहिता के कारण इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। ऐसे राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक आयोजित की जाएगी, जिसे कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से कराया जाएगा।

पेट्रोलियम और LPG सप्लाई को लेकर केंद्र का बयान

केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। हाल ही में संसद भवन में मिडिल ईस्ट के हालात पर सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई थी।

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने बताया कि सरकार और विपक्ष दोनों पक्षों की ओर से दिए गए सुझावों को विस्तार से सुना गया और सभी सवालों का स्पष्ट जवाब दिया गया। उन्होंने कहा कि बैठक के अंत में विपक्षी नेताओं ने इस सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए सरकार का धन्यवाद भी किया।

किरण रिजिजू के अनुसार, कई सांसदों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गैस और पेट्रोलियम सप्लाई को लेकर जानकारी मांगी थी। सरकार ने बताया कि भारत पहले ही चार जहाज लाने में सफल रहा है, जिससे सप्लाई को लेकर स्थिति संतोषजनक है।

बैठक के दौरान विदेश सचिव ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और भारत के हितों पर विस्तृत प्रस्तुति भी दी, ताकि राष्ट्रीय मुद्दों पर व्यापक सहमति और रणनीतिक समझ बनाई जा सके।