एक महीने में कितना बदला तमिलनाडु? CM विजय की सरकार का पूरा रिपोर्ट कार्ड, बड़े फैसले-बड़े वादे और बढ़ती चुनौतियां
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के सत्ता संभालने के एक महीने बाद उनकी सरकार का रिपोर्ट कार्ड सामने आया है। 436 परियोजनाओं की समीक्षा, 18,600 करोड़ रुपये के निवेश समझौते, जल आपूर्ति योजना और प्रशासनिक सुधारों के बीच कानून-व्यवस्था व राजनीतिक चुनौतियां भी चर्चा में हैं।
CM Vijay Report Card: एक्टर से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू किया था। लगभग छह दशक बाद तमिलनाडु में ऐसी सरकार बनी जो न तो DMK की थी और न ही AIADMK की। विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार को सत्ता संभाले एक महीना पूरा हो चुका है और अब उनके पहले 30 दिनों के कामकाज का मूल्यांकन शुरू हो गया है।
सत्ता में आते ही दिखाई सक्रियता
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने प्रशासनिक स्तर पर तेजी दिखाने की कोशिश की। अपने पहले कैबिनेट सत्र में उन्होंने राज्य की 436 योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। इसे नई सरकार की प्राथमिकताओं को तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना गया।
सरकार ने शहरी विकास, जल प्रबंधन और आधारभूत ढांचे को प्राथमिकता देने के संकेत भी दिए। मुख्यमंत्री विजय ने अगले पांच वर्षों में राज्य के सभी प्रमुख शहरी क्षेत्रों में 24x7 पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही उन्होंने कूवम नदी और बकिंघम नहर के पुनरुद्धार की दिशा में भी काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
निवेश और उद्योग पर सरकार का फोकस
विजय सरकार की शुरुआती उपलब्धियों में उद्योग क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना भी शामिल है। सरकार ने हाल ही में लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के साथ 18,600 करोड़ रुपये की तीन बड़ी परियोजनाओं के लिए समझौता किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी सरकार का पहला बड़ा औद्योगिक करार माना जा रहा है।
सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
जनसंपर्क और प्रतीकात्मक संदेश
मुख्यमंत्री विजय ने अपने पहले महीने में कई ऐसे कदम उठाए जिनसे जनता के बीच सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की गई। हाल ही में उन्होंने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट जीतने वाले भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा को 50 लाख रुपये की सम्मान राशि देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम को युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के रूप में देखा गया।
इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम सहित कई वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी मुलाकातें भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रहीं।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि विजय सरकार के सामने चुनौतियां भी तेजी से उभरकर सामने आई हैं। विपक्ष लगातार कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक नियंत्रण और अनुभवहीनता के मुद्दे उठा रहा है। कुछ घटनाओं को लेकर सरकार की आलोचना भी हुई है और विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री को प्रशासनिक स्तर पर और अधिक सक्रियता दिखाने की जरूरत है। विजय पर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद अब तक कोई खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। विपक्षी दल इसे जवाबदेही से जोड़कर देख रहे हैं।
राजनीतिक समीकरणों की नई तस्वीर
विजय का मुख्यमंत्री बनना तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। उनकी सरकार राज्य की पहली ऐसी सरकार है जिसने DMK और AIADMK के लंबे राजनीतिक वर्चस्व को तोड़ा है। चुनाव में TVK के प्रदर्शन ने राज्य की पारंपरिक राजनीति की दिशा बदल दी है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि विजय अपनी लोकप्रियता को प्रभावी शासन में कितना बदल पाते हैं।
एक महीने बाद सरकार का रिपोर्ट कार्ड
पहले महीने के आधार पर देखा जाए तो विजय सरकार ने प्रशासनिक समीक्षा, निवेश आकर्षण, जल प्रबंधन और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में सक्रियता दिखाई है। हालांकि कानून-व्यवस्था, मीडिया संवाद, प्रशासनिक अनुभव और चुनावी वादों के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर अभी भी सरकार को खुद को साबित करना बाकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री विजय के लिए असली परीक्षा अब शुरू होगी। जनता ने उन्हें भारी जनसमर्थन दिया है, लेकिन आने वाले महीनों में यह तय होगा कि क्या वह अपनी लोकप्रियता को स्थायी शासन मॉडल में बदल पाते हैं या नहीं।
