मैं हारी ही नहीं, तो इस्तीफा क्यों? बंगाल नतीजों के बाद बोली ममता बनर्जी, चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को करारी शिकस्त मिलने के बाद पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने चुनाव आयोग को इस हार का मुख्य जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि नैतिक रूप से वह जीती हुई हैं और किसी भी दबाव में इस्तीफा नहीं देंगी।
ममता बनर्जी ने कहा, “मैं क्यों इस्तीफा दूंगी जब मैं हारी नहीं हूं। मुझे बाध्य नहीं किया जा सकता कि मैं इस्तीफा देने जाऊं। नैतिक तौर पर मैं कह रही हूं कि मैं जीती हूं। मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी।”
उन्होंने INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं द्वारा समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन समेत सभी नेताओं ने उन्हें फोन कर पूरा समर्थन दिया। अखिलेश यादव आज ही मिलने आना चाहते थे, लेकिन ममता ने उन्हें कल बुलाया है। उन्होंने कहा कि एक-एक करके सभी नेता उनसे मिलने आएंगे।
INDIA गठबंधन को और मजबूत करेंगी ममता
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि अब उनका लक्ष्य INDIA गठबंधन को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा, “मैं INDIA गठबंधन को मजबूत करूंगी। बिल्कुल एक आम आदमी की तरह। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है इसलिए मैं एक आम आदमी हूं। आप मुझसे यह नहीं कह सकते कि मैं अपनी कुर्सी का इस्तेमाल कर रही हूं। मैं अब एक आजाद पंछी हूं।”
ममता ने अपनी ईमानदारी पर जोर देते हुए कहा, “मैंने अपनी पूरी जिंदगी लोगों की सेवा में लगा दी। इन 15 सालों में मैंने पेंशन का एक पैसा भी नहीं निकाला। मैं तनख्वाह का एक पैसा भी नहीं ले रही हूं।”
यह बयान पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद ममता बनर्जी की पहली बड़ी प्रतिक्रिया है, जिसमें उन्होंने न केवल इस्तीफे से इनकार किया बल्कि विपक्षी दलों के साथ अपनी एकजुटता को और मजबूत करने का संकेत भी दिया है।
