ममता बनर्जी ने इस्तीफा नहीं दिया तो BJP का मुख्यमंत्री कैसे बनेगा? क्या कहते हैं संवैधानिक नियम
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद राज्य में पहली बार BJP सरकार बनाने की तैयारी जोरों पर है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभी इस्तीफा नहीं दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बिना इस्तीफे के नया मुख्यमंत्री कैसे शपथ लेगा?
ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम आने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मैं चुनाव नहीं हारी हूं, हमें हराया गया है।" उन्होंने अपनी विधानसभा सीट भी नहीं बचा पाईं। TMC की 15 साल पुरानी सरकार का कार्यकाल गुरुवार, 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद ममता बनर्जी का मुख्यमंत्री के रूप में आधिकारिक कार्यकाल स्वतः समाप्त हो जाएगा।
संवैधानिक प्रक्रिया क्या है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:
- विधानसभा चुनाव के बाद राज्यपाल सबसे पहले बहुमत साबित करने वाले दल या गठबंधन के नेता को सरकार बनाने का न्योता देते हैं।
- मौजूदा मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) का कार्यकाल नई विधानसभा के गठन और नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के साथ समाप्त माना जाता है।
- अगर मौजूदा CM इस्तीफा नहीं देती हैं, तो भी 7 मई 2026 के बाद उनका पद समाप्त हो जाएगा क्योंकि 17वीं विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। नई विधानसभा (18वीं) का सत्र शुरू होने पर नया मुख्यमंत्री चुना जाएगा।
- राज्यपाल (बंगाल में वर्तमान में) BJP के बहुमत को देखते हुए सुकांत मजूमदार या पार्टी द्वारा चुने गए किसी अन्य नेता को शपथ दिला सकते हैं।
- आवश्यकता पड़ी तो राज्यपाल ममता बनर्जी को औपचारिक रूप से इस्तीफा देने या फ्लोर टेस्ट का निर्देश दे सकते हैं, लेकिन बहुमत साफ होने पर यह औपचारिकता पूरी करने के बाद नई सरकार बन जाएगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कई राज्यों (महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली आदि) के अनुभवों से साफ है कि बहुमत सिद्ध करने वाले दल को बिना देरी के सरकार बनाने का अधिकार होता है। ममता बनर्जी का इस्तीफा न देना केवल प्रतीकात्मक हो सकता है, लेकिन कानूनी रूप से यह नई सरकार के गठन में बाधा नहीं बनेगा।
BJP की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, BJP केंद्रीय नेतृत्व सुकांत मजूमदार, अश्विनी राय चौधरी या अन्य वरिष्ठ नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए विचार कर रहा है। शपथ ग्रहण समारोह 8 या 9 मई को हो सकता है।
पश्चिम बंगाल में 34 साल बाद सत्ता परिवर्तन की यह ऐतिहासिक घड़ी है। BJP अब राज्य में अपना पहला पूर्ण बहुमत सरकार बनाने जा रही है।
