अगर होटल-रेस्टोरेंट बिल में अलग से वसूले गैस चार्ज, तो ऐसे करें तुरंत कंपलेन
Mar 26, 2026, 22:10 IST
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अगर होटल-रेस्टोरेंट बिल में अलग से वसूले गैस चार्ज, तो ऐसे करें तुरंत कंपलेन देश में एलपीजी कीमतों में बढ़ोतरी के बाद होटल और रेस्टोरेंट से जुड़ी एक नई प्रवृत्ति सामने आई है। कई जगहों पर ग्राहकों के बिल में खाने और टैक्स के अलावा अलग से ‘गैस चार्ज’ जोड़ा जा रहा है। अधिकतर लोग इसे सामान्य खर्च समझकर भुगतान कर देते हैं, लेकिन अब इस पर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है।
सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने स्पष्ट किया है कि इस तरह का अतिरिक्त शुल्क लेना नियमों के खिलाफ है। यानी अगर किसी ग्राहक के बिल में गैस चार्ज जोड़ा गया है, तो वह इसकी शिकायत कर सकता है।
क्या कहते हैं नियम?
विशेषज्ञों के अनुसार, होटल और रेस्टोरेंट का दायित्व है कि वे अपने सभी खर्च, जैसे एलपीजी, बिजली या ईंधन को पहले से ही खाने की कीमत में शामिल करें।
मेन्यू में लिखी कीमत ही अंतिम बेस प्राइस मानी जाएगी।
इसके ऊपर केवल सरकार द्वारा निर्धारित टैक्स ही जोड़े जा सकते हैं।
एलपीजी या अन्य ईंधन खर्च को अलग से जोड़ना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है।
सीसीपीए ने इसे उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत अवैध करार दिया है।
बिल में गैस चार्ज दिखे तो क्या करें?
अगर आपके बिल में ‘गैस चार्ज’ या कोई अन्य अतिरिक्त शुल्क जोड़ा गया है, तो उसे नजरअंदाज न करें।
सबसे पहले रेस्टोरेंट स्टाफ से चार्ज के बारे में पूछें
संतोषजनक जवाब न मिले तो इसे हटाने की मांग करें
बिल की फोटो या कॉपी अपने पास रखें
जरूरत पड़ने पर मैनेजर से लिखित स्पष्टीकरण मांगें
ध्यान रखें आपसे जबरदस्ती कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा सकता।
शिकायत कैसे करें?
अगर होटल या रेस्टोरेंट आपकी बात नहीं मानता, तो आप आसानी से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर कॉल या ऑनलाइन शिकायत करें
उपभोक्ता आयोग (कंज्यूमर कोर्ट) में मामला ले जा सकते हैं
बिल और बातचीत का सबूत सुरक्षित रखें
यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने स्पष्ट किया है कि इस तरह का अतिरिक्त शुल्क लेना नियमों के खिलाफ है। यानी अगर किसी ग्राहक के बिल में गैस चार्ज जोड़ा गया है, तो वह इसकी शिकायत कर सकता है।
क्या कहते हैं नियम?
विशेषज्ञों के अनुसार, होटल और रेस्टोरेंट का दायित्व है कि वे अपने सभी खर्च, जैसे एलपीजी, बिजली या ईंधन को पहले से ही खाने की कीमत में शामिल करें।
मेन्यू में लिखी कीमत ही अंतिम बेस प्राइस मानी जाएगी।
इसके ऊपर केवल सरकार द्वारा निर्धारित टैक्स ही जोड़े जा सकते हैं।
एलपीजी या अन्य ईंधन खर्च को अलग से जोड़ना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है।
सीसीपीए ने इसे उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत अवैध करार दिया है।
बिल में गैस चार्ज दिखे तो क्या करें?
अगर आपके बिल में ‘गैस चार्ज’ या कोई अन्य अतिरिक्त शुल्क जोड़ा गया है, तो उसे नजरअंदाज न करें।
सबसे पहले रेस्टोरेंट स्टाफ से चार्ज के बारे में पूछें
संतोषजनक जवाब न मिले तो इसे हटाने की मांग करें
बिल की फोटो या कॉपी अपने पास रखें
जरूरत पड़ने पर मैनेजर से लिखित स्पष्टीकरण मांगें
ध्यान रखें आपसे जबरदस्ती कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा सकता।
शिकायत कैसे करें?
अगर होटल या रेस्टोरेंट आपकी बात नहीं मानता, तो आप आसानी से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर कॉल या ऑनलाइन शिकायत करें
उपभोक्ता आयोग (कंज्यूमर कोर्ट) में मामला ले जा सकते हैं
बिल और बातचीत का सबूत सुरक्षित रखें
यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
