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मैं भी उन 6 में से एक हूं... पहलवान विनेश फोगाट का बड़ा खुलासा- बृजभूषण सिंह ने मेरा भी यौन शोषण किया

भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने पहली बार खुलासा किया है कि वह बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली छह पीड़िताओं में शामिल हैं। उन्होंने रेसलिंग ट्रायल की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और सरकार पर निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया।

 
भारतीय पहलवान विनेश फोगाट
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भारतीय अंतरराष्ट्रीय पहलवान विनेश फोगाट ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि वह बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए जारी वीडियो में यह खुलासा किया, जिससे खेल जगत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

पहचान छिपाने की वजह बताई

विनेश फोगाट ने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत पीड़िताओं की पहचान उजागर न करने का निर्देश था, इसलिए वह अब तक सामने नहीं आई थीं। उनका कहना है कि वह चाहती थीं कि बिना नाम उजागर किए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़े, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें अपनी पहचान बताने के लिए मजबूर कर दिया।

मैं भी उन छह में से एक हूं- विनेश का बयान

वीडियो संदेश में उन्होंने साफ कहा कि, “मैं उन छह महिला पहलवानों में से एक हूं, जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। फिलहाल इस मामले में कोर्ट में गवाहियां चल रही हैं और सच्चाई सामने आएगी।” उन्होंने बताया कि यह मामला पिछले तीन वर्षों से चल रहा है।

गोंडा ट्रायल पर उठाए गंभीर सवाल

विनेश फोगाट ने आगामी ट्रायल को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा गोंडा में आयोजित किए जा रहे रैंकिंग टूर्नामेंट और ट्रायल निष्पक्ष नहीं हो सकते। उनका आरोप है कि यह प्रतियोगिता बृजभूषण के प्रभाव वाले क्षेत्र और उनके निजी कॉलेज में आयोजित की जा रही है।

कौन जीतेगा, पहले से तय होगा?

विनेश ने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रतियोगिता में रेफरी की नियुक्ति, अंक देने और विजेता तय करने तक सब कुछ प्रभावित हो सकता है। उनके अनुसार, “किसे जिताना है और किसे हराना है, यह पहले से तय किया जा सकता है, जिससे निष्पक्ष खेल की भावना प्रभावित होगी।”

सरकार और खेल मंत्रालय पर भी निशाना

विनेश फोगाट ने खेल मंत्रालय और सरकार पर भी निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे खिलाड़ियों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है।

सिर्फ मेहनत से हो फैसला, दबाव से नहीं

उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी विशेष सुविधा या विशेष व्यवहार की मांग नहीं कर रहीं, बल्कि सिर्फ इतना चाहती हैं कि मैट पर फैसले खिलाड़ियों की मेहनत और प्रदर्शन के आधार पर हों, न कि किसी दबाव या प्रभाव के चलते।

विवाद फिर गरमाया, नजरें अब आगे की कार्रवाई पर

विनेश फोगाट के इस खुलासे के बाद कुश्ती जगत में विवाद एक बार फिर गहरा गया है। अब सभी की नजरें अदालत की कार्यवाही और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं, जिससे इस पूरे मामले की दिशा तय होगी।