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भारत ने 1.4 अरब के लिए डिजिटल पहचान बनाई, जो कोई और देश नहीं कर सका: फ्रांस के राष्ट्रपति की जमकर तारीफ
 

 
 भारत ने 1.4 अरब के लिए डिजिटल पहचान बनाई, जो कोई और देश नहीं कर सका: फ्रांस के राष्ट्रपति की जमकर तारीफ
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नई दिल्ली I फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में अपना भाषण 'नमस्ते' कहकर शुरू किया और भारत की डिजिटल उपलब्धियों की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने ऐसा कुछ बनाया है जो दुनिया का कोई अन्य देश नहीं बना सका।

मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा, "भारत ने कुछ ऐसा बनाया है जो दुनिया का कोई दूसरा देश नहीं बना सकता। 1.4 अरब लोगों के लिए एक डिजिटल पहचान, एक पेमेंट सिस्टम जो अब हर महीने 20 अरब ट्रांजेक्शन प्रोसेस करता है, और एक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर जिसने 50 करोड़ डिजिटल हेल्थ आईडी जारी की हैं।"

उन्होंने मुंबई के एक सड़क किनारे सामान बेचने वाले व्यक्ति की कहानी सुनाते हुए भारत की डिजिटल क्रांति का जिक्र किया। मैक्रों ने बताया, "10 साल पहले, मुंबई में एक सड़क किनारे बेचने वाला व्यक्ति बैंक अकाउंट नहीं खोल सकता था। कोई पता नहीं, कोई कागज नहीं, कोई पहुंच नहीं... आज वही व्यक्ति अपने फोन पर पेमेंट लेता है। यह कोई टेक्नोलॉजी की कहानी नहीं है, यह एक सभ्यता की कहानी है।"

मैक्रों ने इस समिट में भारत की AI को अपनाने और लोकतांत्रिक बनाने में तेज प्रगति की प्रशंसा की। उन्होंने भारत-फ्रांस के बीच सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि AI का भविष्य उन लोगों द्वारा बनाया जाएगा जो नवाचार और जिम्मेदारी को जोड़ते हैं, तथा भारत और फ्रांस मिलकर इस दिशा में काम करेंगे।

उल्लेखनीय है कि मैक्रों ने भारत दौरे की शुरुआत मुंबई से की थी, जहां उन्होंने चत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CST) स्टेशन पर रात में वॉक की और यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। उनका दौरा 17 से 19 फरवरी 2026 तक चला, जिसमें AI इम्पैक्ट समिट के अलावा द्विपक्षीय वार्ताएं भी शामिल थीं।