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PoK में पाकिस्तान के खिलाफ बगावत! भारत ने दुनिया से कहा- अब इस अत्याचार का हिसाब मांगिए

PoK में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत ने पाकिस्तान पर मानवाधिकार उल्लंघन, दमन और प्रशासनिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की मांग की है। जानिए PoK में विरोध की वजह और भारत का पूरा बयान।
 
PoK Protest​​​​​​​
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PoK Protest: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में लगातार बढ़ रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि PoK में जनता का आक्रोश पाकिस्तान के दशकों पुराने शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और प्रशासनिक दमन का नतीजा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह पाकिस्तान को वहां हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों और अत्याचारों के लिए पूरी तरह जवाबदेह ठहराए।

भारत का पाकिस्तान पर सीधा आरोप

साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चल रहे प्रदर्शन किसी अचानक हुई घटना का परिणाम नहीं हैं, बल्कि यह वर्षों से जारी व्यवस्थित शोषण, लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन और प्रशासनिक दमन की प्रतिक्रिया है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने स्थानीय लोगों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपनाया है।

'दुनिया अब चुप न रहे'

भारत ने स्पष्ट कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को PoK की मौजूदा स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और पाकिस्तान को वहां हुए कथित मानवाधिकार उल्लंघनों, पुलिस कार्रवाई और अन्य दमनात्मक कदमों के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, शांतिपूर्ण विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

क्यों भड़का PoK में विरोध?

रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में विरोध की शुरुआत विधानसभा में 12 आरक्षित सीटों को लेकर हुए विवाद से हुई। स्थानीय संगठनों का आरोप है कि इस व्यवस्था से क्षेत्र के मूल निवासियों की राजनीतिक भागीदारी कमजोर होगी। इसके बाद आंदोलन भ्रष्टाचार, महंगाई, खराब प्रशासन, बेरोजगारी और आर्थिक संकट जैसे मुद्दों तक फैल गया। मुजफ्फराबाद, रावलकोट, मीरपुर सहित कई इलाकों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।

बल प्रयोग और इंटरनेट बंद होने के आरोप

भारत का आरोप है कि पाकिस्तान ने प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक पुलिस बल, इंटरनेट प्रतिबंध और सुरक्षा बलों की कार्रवाई का सहारा लिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कई स्थानों पर हिंसक झड़पें हुईं, इंटरनेट सेवाएं बाधित की गईं और विरोध प्रदर्शन करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।

भारत ने दोहराया अपना रुख

विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर दोहराया कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र भी शामिल है, भारत का अभिन्न अंग है। भारत ने कहा कि PoK के लोगों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी लोकतांत्रिक और मानवीय आकांक्षाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

बढ़ सकता है अंतरराष्ट्रीय दबाव

PoK में जारी विरोध प्रदर्शनों और भारत के ताज़ा बयान के बाद इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है। भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह इस मामले को केवल द्विपक्षीय विवाद नहीं, बल्कि मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े वैश्विक मुद्दे के रूप में भी उठाना चाहता है।