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रूस के बाद वेनेजुएला से तेल पर भारत का फोकस, 2.8 लाख से बढ़कर 4 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंची सप्लाई

रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका के संभावित 100 प्रतिशत टैरिफ और पश्चिम एशिया में आपूर्ति मार्गों के जोखिम के बीच भारत ने कच्चे तेल के नए स्रोतों पर फोकस बढ़ाया है। वेनेजुएला इस रणनीति में अहम आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। वहां से भारत की तेल खरीद बढ़कर करीब चार लाख बैरल प्रतिदिन हुई।

 
वेनेजुएला
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नई दिल्ली: रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका के 100 प्रतिशत टैरिफ की संभावित कार्रवाई और पश्चिम एशिया में तेल आपूर्ति मार्गों पर बढ़ते जोखिम के बीच भारत ने कच्चे तेल के लिए नए स्रोतों पर अपनी निर्भरता बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। इस रणनीति में वेनेजुएला भारत के लिए एक अहम तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभर रहा है। इसी सिलसिले में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में वेनेजुएला के विदेश मंत्री फेलिक्स प्लासेंशिया गोंजालेज से मुलाकात की।

बैठक में दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, मुलाकात के बाद किसी नए तेल आपूर्ति समझौते की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। इसके बावजूद बैठक को भारत की बदलती ऊर्जा रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वेनेजुएला से बढ़ी भारत की तेल खरीद

टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली एजेंसी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में वेनेजुएला से भारत आने वाले कच्चे तेल की मात्रा में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। यह आपूर्ति करीब 2.8 लाख बैरल प्रतिदिन से बढ़कर लगभग 4 लाख बैरल प्रतिदिन हो गई है।

भारत की सरकारी और निजी क्षेत्र की रिफाइनरियां वेनेजुएला का कच्चा तेल खरीद रही हैं। वेनेजुएला का तेल अपेक्षाकृत भारी कच्चे तेल की श्रेणी में आता है और भारतीय रिफाइनरियों में इसे प्रोसेस करने की क्षमता मौजूद है। यही वजह है कि भारत के लिए वेनेजुएला से आयात बढ़ाना व्यावहारिक विकल्प माना जा रहा है।

जयशंकर बोले- ऊर्जा संबंध गति पकड़ रहे हैं

वेनेजुएला के विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद एस. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के ऊर्जा संबंध गति पकड़ रहे हैं। हालांकि, भारत या वेनेजुएला की ओर से इस बैठक के बाद किसी नए तेल सौदे की घोषणा नहीं की गई।

जानकारों का मानना है कि वेनेजुएला ने भारतीय मांग के अनुरूप कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने की तैयारी के संकेत दिए हैं। ऐसे में आने वाले समय में दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और मजबूत हो सकता है।

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित कच्चे तेल का भंडार है। ऐसे में वैश्विक तेल बाजार में उसकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। भारत के लिए भी यह देश ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने का एक विकल्प बन सकता है।

दरअसल, भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में किसी एक क्षेत्र या देश पर अत्यधिक निर्भरता से बचने के लिए अलग-अलग स्रोतों से तेल खरीदना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

रूसी तेल पर अमेरिकी कार्रवाई के बीच बढ़ी चुनौती

रूस से मिलने वाला सस्ता कच्चा तेल लंबे समय से भारत की ऊर्जा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। लेकिन रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका की संभावित सख्त कार्रवाई और 100 प्रतिशत टैरिफ की चर्चा ने स्थिति को जटिल बना दिया है।

इसके अलावा पश्चिम एशिया में तनाव और तेल टैंकरों की आवाजाही से जुड़े जोखिमों ने भी भारत के सामने आपूर्ति को लेकर नई चुनौती खड़ी की है। ऐसे में वेनेजुएला के साथ ऊर्जा संबंधों को मजबूत करना भारत की तेल आपूर्ति में विविधता लाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

कनाडा के साथ भी संबंधों पर चर्चा

संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एस. जयशंकर ने कई देशों के नेताओं और विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। उन्होंने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ भी बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए उठाए जा सकने वाले कदमों पर चर्चा की।