भारतीय नौसेना ने बचाया कमर्शियल जहाज, INS त्रिकंद को देखते ही भागे सोमाली समुद्री लुटेरे
New Delhi : भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी में एक बार फिर अपनी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए समुद्री लुटेरों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। बुधवार (1 जुलाई 2026) को भारत से जुड़े एक कमर्शियल जहाज पर समुद्री लुटेरों के हमले की सूचना मिलने के बाद युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद (INS Trikand) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जहाज और उसके चालक दल को सुरक्षित बचा लिया।
जहाज पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे समुद्री लुटेरे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमाली समुद्री लुटेरों ने एमवी गोल्डन आर्सेनल नामक व्यापारिक जहाज को निशाना बनाया और उस पर चढ़ने का प्रयास किया। जहाज पर एक भारतीय क्रू सदस्य भी मौजूद था। खतरे को भांपते हुए चालक दल ने तुरंत एंटी-पाइरेसी प्रोटोकॉल लागू किया और सुरक्षित कमरे (सेफ रूम) में खुद को बंद कर लिया।
INS त्रिकंद को देखते ही भागे हमलावर
मदद का संदेश मिलते ही क्षेत्र में तैनात भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS त्रिकंद तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हुआ। जैसे ही भारतीय नौसेना का जहाज मौके पर पहुंचा, समुद्री लुटेरे जहाज पर कब्जा किए बिना ही वहां से भाग निकले।
मार्कोस कमांडो ने की सुरक्षा जांच
घटना के बाद भारतीय नौसेना के मार्कोस (MARCOS) कमांडो जहाज पर पहुंचे और पूरे जहाज की गहन तलाशी लेकर सुरक्षा सुनिश्चित की। जांच के बाद नौसेना ने जहाज को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया। इस घटना में चालक दल का कोई सदस्य घायल नहीं हुआ और न ही जहाज को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचा।
व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा में तैनात है भारतीय नौसेना
अदन की खाड़ी विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है। अफ्रीका के हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र के समीप होने के कारण यहां लंबे समय से सोमाली समुद्री लुटेरों का खतरा बना रहता है। इसी को देखते हुए भारतीय नौसेना इस क्षेत्र में लगातार अपने आधुनिक युद्धपोतों की तैनाती कर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
पिछले दो वर्षों में भारतीय नौसेना ने अरब सागर और अदन की खाड़ी में कई सफल एंटी-पाइरेसी अभियान चलाकर अनेक व्यापारिक जहाजों और उनके चालक दल को सुरक्षित बचाया है।
